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पन्ना में टीआई समेत 3 पुलिसकर्मियों पर FIR,व्यापारी को गांजा केस में फंसाने का आरोप...
5 लाख रुपए गायब होने के बाद कारोबारी ने लगाए गंभीर आरोप,मंडला टीआई रचना पटेल सहित ASI और प्रधान आरक्षक पर मामला दर्ज...
Panna News|मध्यप्रदेश के पन्ना जिले से पुलिस विभाग को कटघरे में खड़ा करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है।मंडला थाना प्रभारी रचना पटेल समेत तीन पुलिसकर्मियों और एक शराब कंपनी मैनेजर के खिलाफ व्यापारी को कथित रूप से गांजे के फर्जी मामले में फंसाने और धमकाकर वसूली करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है।इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।जानकारी के अनुसार इस मामले में मंडला टीआई रचना पटेल, प्रधान आरक्षक रामशरण अहिरवार,एसआई रज्जाक खान और शराब कंपनी मैनेजर ब्रजेश यादव के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है।
खजुराहो जाते समय हुई पूरी घटना
रीवा जिले के तिरहती निवासी व्यापारी मोहनलाल सोनी ने बताया कि वह 14 मई को अपने एक मित्र से मिलने खजुराहो जा रहे थे।रास्ते में मंडला क्षेत्र के पास नदी किनारे उनकी मुलाकात दोस्त से हुई।कुछ देर बातचीत के बाद मित्र वहां से मोटरसाइकिल से निकल गया।
व्यापारी का आरोप है कि जब उन्होंने अपनी कार की डिग्गी चेक की तो उसमें रखे करीब 5 लाख रुपए गायब मिले।इसी दौरान उनकी मुश्किलें और बढ़ गईं।
“गाड़ी में बैग रखकर कहा- इसमें गांजा है”
पीड़ित व्यापारी के मुताबिक वह आगे एक पेट्रोल पंप के पास रुककर मोबाइल पर बातचीत कर रहे थे।तभी दो लोग पहुंचे और वाहन चेकिंग के नाम पर उनकी कार की चाबी और मोबाइल अपने कब्जे में ले लिया।
व्यापारी ने आरोप लगाया कि उन लोगों ने कार में एक बैग रख दिया और दावा किया कि उसमें गांजा है।इसके बाद उन्हें पास स्थित शराब ठेके के मैदान में करीब दो घंटे तक बैठाकर डराया-धमकाया गया।
पुलिस पर गंभीर सवाल
मामले में पुलिसकर्मियों की कथित संलिप्तता सामने आने के बाद पूरे इलाके में चर्चा तेज हो गई है।व्यापारी ने आरोप लगाया कि उन्हें फर्जी केस में फंसाने की कोशिश कर दबाव बनाया गया।शिकायत के बाद अब संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
जांच के बाद सामने आएंगे कई राज!
सूत्रों के मुताबिक मामले की जांच में कई और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं। पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट तलब कर चुके हैं। अब यह देखना होगा कि जांच में आरोप कितने सही साबित होते हैं और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।

