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बरगी डैम हादसे पर प्रशासन घिरा,अधिवक्ताओं ने दोषियों पर FIR की मांग उठाई...
जबलपुर।बरगी डैम में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे के बाद अब प्रशासनिक लापरवाही को लेकर सवाल तेज हो गए हैं। हादसे में कई लोगों की मौत और घायल होने की घटना के बाद जनसेवक एवं अधिवक्ताओं ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।अधिवक्ता रोहित कुरील,विकास सोनी और उनके साथियों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यात्रियों को बिना लाइफ जैकेट क्रूज में बैठने दिया गया, जबकि सुरक्षा जैकेट स्टोर में रखी थीं। इतना ही नहीं, क्रूज में तय क्षमता से अधिक सवारियां बैठाई गईं और खराब मौसम के बावजूद संचालन की अनुमति दी गई।
येलो अलर्ट के बावजूद चला क्रूज
ज्ञापन में कहा गया है कि जिस दिन हादसा हुआ, उस दिन मौसम विभाग द्वारा येलो अलर्ट जारी किया गया था। इसके बावजूद क्रूज संचालन जारी रखा गया,जो सीधे तौर पर लापरवाही को दर्शाता है।अधिवक्ताओं का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता तो इतनी बड़ी दुर्घटना टाली जा सकती थी।
पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग
अधिवक्ता रोहित कुरील ने प्रदेश के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी से मांग की है कि प्रदेश के सभी पर्यटन स्थलों जैसे भेड़ाघाट, ग्वारीघाट,तिलवारा घाट और बरगी डैम पर लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य किया जाए और नाव संचालन के लिए कड़े सुरक्षा नियम लागू किए जाएं।
दोषियों पर FIR दर्ज हो
अधिवक्ता विकास कुमार सोनी ने कहा कि सभी नावों और क्रूज की फिटनेस जांच कराई जाए और हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106,125 और 281 के तहत FIR दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए।
मुआवजा बढ़ाने की मांग
ज्ञापन में हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 4 लाख रुपये से अधिक मुआवजा देने की भी मांग की गई है। अधिवक्ताओं ने कहा कि पीड़ित परिवारों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा देना सरकार की जिम्मेदारी है।
लोगों में आक्रोश
बरगी डैम हादसे के बाद जबलपुर सहित पूरे प्रदेश में आक्रोश का माहौल है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसके संरक्षण में हो रही थी। अब सभी की नजर प्रशासनिक जांच और दोषियों पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी है।

