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कश्मीर का 120 साल पुराना ‘मोहरा पावर प्रोजेक्ट’फिर होगा शुरू,सरकार ने तेज की प्रक्रिया
उड़ी सेक्टर में स्थित 10.5 मेगावाट परियोजना के पुनरुद्धार को मंजूरी,दशकों बाद फिर जगेगी बिजली उत्पादन की उम्मीद
श्रीनगर|रिपोर्टजम्मू-कश्मीर सरकार ने राज्य में ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए 120 साल पुराने ऐतिहासिक ‘मोहरा पावर प्रोजेक्ट’ को पुनर्जीवित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह परियोजना 1990 के दशक से बंद पड़ी थी, जिसे अब आधुनिक तकनीक के साथ दोबारा शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
क्या है मोहरा पावर प्रोजेक्ट?
मोहरा पावर प्रोजेक्ट झेलम नदी पर उड़ी सेक्टर में स्थित एक पुरानी जलविद्युत परियोजना है, जिसकी क्षमता लगभग 10.5 मेगावाट है। यह परियोजना ऐतिहासिक महत्व भी रखती है और एक समय कश्मीर क्षेत्र में बिजली आपूर्ति का प्रमुख स्रोत हुआ करती थी।
सरकार ने शुरू की पुनरुद्धार प्रक्रिया
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने विधानसभा में जानकारी देते हुए बताया कि जम्मू-कश्मीर स्टेट पावर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (JKSPDC) के निदेशक मंडल ने इस परियोजना के नवीनीकरण, आधुनिकीकरण और अपग्रेडेशन को मंजूरी दे दी है।
9 फरवरी को हुई बैठक में परियोजना के लिए सीमित टेंडर जारी करने का निर्णय लिया गया। इसके तहत आर्थिक मामलों के विभाग से सूचीबद्ध फर्मों में से एक लेनदेन सलाहकार (Transaction Advisor) नियुक्त किया जाएगा।
रणनीतिक और क्षेत्रीय महत्व
यह परियोजना झेलम नदी पर स्थित होने के कारण क्षेत्रीय जल और ऊर्जा प्रबंधन के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की परियोजनाओं का पुनरुद्धार जम्मू-कश्मीर में ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम हो सकता है।
क्यों है यह फैसला अहम?
•बंद पड़ी ऐतिहासिक परियोजना का पुनर्जीवन
•स्थानीय स्तर पर बिजली उत्पादन में वृद्धि
•ऊर्जा संकट से निपटने में मदद
•इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को मिलेगा बढ़ावा
