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जबलपुर में जल संकट पर प्रशासन सख्त:बोरवेल खनन पर रोक,कल से शुरू होगा ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’
कलेक्टर राघवेंद्र सिंह का बड़ा फैसला,रेन वॉटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य;जल संरक्षण के लिए व्यापक अभियान...
जबलपुर|Eagle News 24x7भीषण गर्मी और तेजी से गिरते भू-जल स्तर को देखते हुए जबलपुर जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। जल संकट से निपटने के लिए कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने जिले में बोरवेल खनन पर नियंत्रण लगाने की बात कही है। इसके साथ ही, जिलेभर में ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ कल से शुरू किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य जल स्रोतों का संरक्षण और पुनर्जीवन है।
बोरवेल खनन पर सख्ती
प्रशासन के अनुसार, जिले के जल संकट वाले (Water Stressed) क्षेत्रों में बिना अनुमति बोरवेल खनन नहीं किया जा सकेगा।कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने कहा:
“पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। बोरवेल के लिए अनुमति निर्धारित नियमों के अनुसार ही दी जाएगी।”
इस निर्णय से अनियंत्रित भू-जल दोहन पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है।
रेन वॉटर हार्वेस्टिंग अब अनिवार्य
जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन ने सभी सरकारी भवनों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य कर दिया है।
इसके अलावा:
•‘अमृत सरोवर’ निर्माण कार्य को प्राथमिकता
•वॉटर रिचार्ज स्ट्रक्चर विकसित करने के निर्देश
•जल संरक्षण परियोजनाओं की निगरानी तेज
ग्रामीण क्षेत्रों में नई तकनीक का उपयोग
कुंडम सहित ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की समस्या को देखते हुए इस बार नई तकनीकों को अपनाया जा रहा है:
•हैंडपंप के साथ सोक पिट निर्माण
•वॉटर रिचार्ज शाफ्ट तैयार किए जाएंगे
•भू-जल स्तर सुधारने पर विशेष फोकस
इससे भविष्य में पानी की उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद है।
‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ का आगाज
मुख्यमंत्री की पहल पर शुरू हो रहा यह अभियान जिलेभर में लागू किया जाएगा, जिसमें:
•नदी और तालाबों का पुनरुद्धार
•जल स्रोतों की सफाई और गहरीकरण
•जनभागीदारी से जल संरक्षण
कलेक्टर ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
क्यों अहम है यह कदम?
•बढ़ते जल संकट पर नियंत्रण
•भू-जल स्तर सुधारने की पहल
•आने वाले समय में पेयजल संकट से राहत
•पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम

