स्वच्छ जल पर सियासी घमासान,अनिश्चितकालीन धरने के छठवें दिन OBC विभाग ने संभाला मोर्चा...
जबलपुर में स्वच्छ जल क्रांति अभियान के तहत चल रहे अनिश्चितकालीन धरने ने छठवें दिन नया मोड़ ले लिया, जब कांग्रेस के ओबीसी विभाग ने नगर निगम के खिलाफ मोर्चा संभाल लिया।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष सौरभ शर्मा के आह्वान पर यह धरना लगातार जन आक्रोश का प्रतीक बनता जा रहा है।
धरने को संबोधित करते हुए मध्यप्रदेश कांग्रेस ओबीसी विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष टीकाराम कोष्टा ने तीखा सवाल उठाया—
“इंदौर में जहरीले पानी से हुई दुखद घटना क्या चेतावनी नहीं थी?अगर अब भी पाइपलाइन और नालों से गुजर रहे दूषित पानी को नहीं रोका गया, तो जबलपुर में बड़ी स्वास्थ्य आपदा से इनकार नहीं किया जा सकता।”
टूटी पाइपलाइन,नालों का पानी और प्रशासन की चुप्पी
ओबीसी विभाग शहर अध्यक्ष पंकज पटेल ने कहा कि शहर के कई इलाकों में नालियों से गुजर रही टूटी पाइपलाइन दूषित पानी की सीधी सप्लाई का कारण बन रही हैं,लेकिन नगर निगम समय रहते सुधार नहीं कर रहा।
“स्वच्छ जल के नाम पर ज़हर क्यों?”
धरने में मौजूद नेताओं ने सवाल किया कि—
जब नागरिक टैक्स दे रहे हैं,तो उन्हें सुरक्षित पेयजल क्यों नहीं मिल रहा?
क्या नगर निगम किसी बड़े हादसे का इंतज़ार कर रहा है?
जनता के स्वास्थ्य से जुड़ा मुद्दा अब तक प्राथमिकता क्यों नहीं बना?
महापौर और आयुक्त को चेतावनी
कांग्रेस नेताओं ने महापौर और नगर निगम आयुक्त से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
धरने में पूर्व विधायक विनय सक्सेना, ओबीसी विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष टीकाराम कोष्टा, शहर ओबीसी अध्यक्ष पंकज पटेल, प्रदेश कोऑर्डिनेटर अलीम मंसूरी, सेवादल अध्यक्ष सतीश तिवारी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
स्पष्ट चेतावनी
कांग्रेस ने साफ कहा कि जबलपुर वासियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराए बिना आंदोलन समाप्त नहीं होगा और दूषित व जहरीले पानी की सप्लाई किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

