Jabalpur News: कब्रिस्तान में हुई संदिग्ध मौत पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार को नोटिस — CCTV फुटेज गायब होने पर उठे गंभीर सवाल?

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कब्रिस्तान में हुई संदिग्ध मौत पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार को नोटिस—CCTV फुटेज गायब होने पर उठे गंभीर सवाल?

जबलपुर/नरसिंहपुर।मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले में कब्रिस्तान में हुई एक संदिग्ध मौत का मामला अब मध्यप्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर की डिवीजन बेंच तक पहुंच गया है। इस मामले में मृतक के भाई कासिम कुरैशी द्वारा दायर रिट अपील पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार सहित संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 18 मार्च 2026 को निर्धारित की है। इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की कार्यप्रणाली और जांच पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

रमजान के दौरान कब्रिस्तान में हुआ था विवाद

जानकारी के अनुसार यह घटना 26 मार्च 2025 की है। बताया जाता है कि रमजान के पवित्र महीने में रोजा रखते हुए मृतक अपने पत्नी और पुत्र के साथ नरसिंहपुर जिले के ग्राम बोरीपार स्थित कब्रिस्तान में अपने पिता की कब्र पर फातेहा पढ़ने गया था।

इसी दौरान अचानक विवाद की स्थिति बन गई और मृतक गंभीर रूप से घायल हो गया।

परिजनों का कहना है कि घायल अवस्था में उसे पहले जिला अस्पताल नरसिंहपुर ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर उसे जबलपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में बेहतर उपचार के लिए नागपुर रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

सीसीटीवी फुटेज गायब,पुलिस पर उठे सवाल

याचिकाकर्ता कासिम कुरैशी का आरोप है कि कब्रिस्तान में मृतक और उसके परिवार के बीच हुए विवाद की पूरी घटना सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई थी।

लेकिन आरोप यह भी है कि पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करने के बजाय कथित तौर पर सीसीटीवी फुटेज ही हटवा दी।

याचिकाकर्ता का कहना है कि उन्होंने पुलिस से शिकायत कर एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर उन्हें न्याय के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा।

सिंगल बेंच से खारिज हुई थी याचिका

बताया गया कि इस मामले में पहले दायर की गई रिट याचिका को हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने राज्य सरकार से जवाब मांगे बिना ही खारिज कर दिया था।

इसके बाद याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अभिनव तिवारी ने उस आदेश को चुनौती देते हुए डिवीजन बेंच में रिट अपील दायर की।

डिवीजन बेंच ने मांगा जवाब

इस अपील पर सुनवाई करते हुए माननीय न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल और न्यायमूर्ति रत्नेश चंद्र सिंह बिसेन की खंडपीठ ने राज्य सरकार और संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

अब इस मामले की अगली सुनवाई 18 मार्च 2026 को होगी, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।


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