आस्था की पदचाप:सुनवारा से भरपुरा घाट तक मां रेवा की चुन्नी संग 12 KM की श्रद्धा यात्रा,5 वर्षों से निभ रही परंपरा...
रिपोर्ट:गौतम जाटवजबलपुर।जबलपुर जिले में आस्था,परंपरा और सामूहिक विश्वास का अनोखा दृश्य उस समय देखने को मिला,जब ग्राम सुनवारा से भरपुरा घाट तक मां रेवा की पावन चुन्नी के साथ श्रद्धालुओं ने 12 किलोमीटर लंबी पदयात्रा निकाली।
यह धार्मिक यात्रा कोई एक-दिवसीय आयोजन नहीं,बल्कि पिछले पाँच वर्षों से निरंतर चली आ रही आस्था की परंपरा है, जो हर वर्ष और अधिक लोगों को जोड़ती जा रही है।
श्रद्धा जब पैरों पर चली
सुबह ग्राम सुनवारा से प्रारंभ हुई इस पदयात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
श्रद्धालु मां रेवा की चुन्नी को सिर पर धारण कर पूरे मार्ग में भजन-कीर्तन और जयकारों के साथ आगे बढ़ते रहे।
यात्रा के दौरान युवा,महिलाएं,बुजुर्ग और बच्चे—सभी वर्गों की सहभागिता देखने को मिली,जिसने आयोजन को सामाजिक रूप से भी मजबूत बना दिया।
अनुशासन और सेवा की मिसाल
पूरी पदयात्रा के दौरान अनुशासन,शांति और सेवा भाव का विशेष ध्यान रखा गया।
श्रद्धालुओं के बीच आपसी सहयोग,संयम और समर्पण साफ दिखाई दिया,जिससे यह आयोजन केवल धार्मिक नहीं बल्कि सामाजिक एकता का भी प्रतीक बन गया।
ग्राम पंचायत का सक्रिय सहयोग
इस आयोजन को सफल बनाने में ग्राम पंचायत सुनवारा की भूमिका महत्वपूर्ण रही।
सरपंच विजय कुमार पटेल द्वारा व्यवस्थाओं,मार्ग समन्वय और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर विशेष प्रयास किए गए,जिससे यात्रा सुचारु रूप से संपन्न हो सकी।आस्था से सामाजिक संदेश तक
मां रेवा की चुन्नी यात्रा ने यह संदेश दिया कि परंपराएं केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं होतीं,
बल्कि वे समाज को जोड़ने,एकता बनाए रखने और सामूहिक सहभागिता को मजबूत करने का माध्यम भी बनती हैं।
श्रद्धालुओं का कहना है कि आने वाले वर्षों में यह पदयात्रा और अधिक व्यापक स्वरूप लेगी और क्षेत्र की पहचान बनेगी।


