25 जनवरी को नर्मदा तट पहुँचना होगा प्लानिंग से,बिना रूट जाने निकले तो फँस सकते हैं...
प्राकट्योत्सव पर जबलपुर में“चलते शहर”का फॉर्मूला लागू, पुलिस ने बनाए तीन अलग ट्रैफिक कॉरिडोर...
नर्मदा प्राकट्योत्सव के दिन 25 जनवरी 2026 को जबलपुर की सड़कें सामान्य दिन जैसी नहीं रहेंगी।
जबलपुर।।श्रद्धालुओं की अनुमानित रिकॉर्ड भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने शहर को तीन ट्रैफिक ज़ोन में बाँटते हुए एक अस्थायी लेकिन सख्त यातायात मॉडल लागू किया है, जिसमें कई पारंपरिक रास्ते पूरे दिन के लिए“वाहन रहित” रहेंगे।ज़ोन-1:ग्वारीघाट—केवल तय रूट से ही प्रवेश
इस क्षेत्र में सीधे घाट तक वाहन ले जाना संभव नहीं होगा।
रामपुर चौक के आगे भारी वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी और ग्वारीघाट की ओर जाने वाले सभी निजी वाहन अवधपुरी–सुखसागर वैली मार्ग से नियंत्रित पार्किंग तक ही पहुँच सकेंगे।
घाट के आसपास की गलियां पूरी तरह पैदल क्षेत्र घोषित रहेंगी।
ज़ोन-2:भेड़ाघाट — पुल नहीं, पार्किंग ही आख़िरी पड़ाव
भेड़ाघाट आने वाले श्रद्धालुओं को यह समझना होगा कि
पुल के ऊपर रुकना या वाहन खड़ा करना पूरी तरह निषिद्ध रहेगा।
यहाँ प्रशासन ने नीति अपनाई है —
“पार्क करो और पैदल बढ़ो”,
जिसके तहत सभी वाहन निर्धारित मैदानों में रोक दिए जाएंगे।
ज़ोन-3: तिलवाराघाट — शहर से कटेगा सीधा संपर्क
तिलवाराघाट की ओर जाने वाले बड़े और मध्यम वाहन सीधे घाट तक नहीं पहुँच पाएंगे।
शहर और सिवनी दोनों दिशाओं से आने वाले वाहनों को सगड़ा बायपास के माध्यम से मोड़ा जाएगा,जिससे घाट क्षेत्र पर दबाव न पड़े।
🚫 नो-व्हीकल नीति:पहली बार इतने बड़े दायरे में लागू
इस बार ग्वारीघाट के आसपास की कई कॉलोनियों, मुख्य चौकों और संपर्क मार्गों को पूरे दिन के लिए नो-व्हीकल ज़ोन घोषित किया गया है।
निजी वाहन निकालने पर असुविधा के साथ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
🅿️ पार्किंग नहीं तो दर्शन नहीं
प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि
सड़क पर खड़ा वाहन हटवाया जाएगा,
जबकि निर्धारित पार्किंग से घाट तक
वृद्ध और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क ई-रिक्शा सेवा उपलब्ध रहेगी।
प्रशासन का संदेश
“नर्मदा प्राकट्योत्सव श्रद्धा का पर्व है,अव्यवस्था का नहीं।
सहयोग करेंगे तो दर्शन सुगम होंगे।”

