"बरसते बादलों के बीच थमी श्रद्धा की राह: अमरनाथ यात्रा समय से पहले रुकी,बालटाल-पहलगाम रास्ते वीरान"
श्रीनगर।।कश्मीर की ऊँची पहाड़ियों में गूंजते“हर हर महादेव”के स्वर अचानक थम गए।रविवार,3 अगस्त को अमरनाथ यात्रा तय समय से एक हफ्ता पहले ही रोक दी गई।9 अगस्त तक चलने वाली यह वार्षिक यात्रा इस बार लगातार भारी बारिश के आगे टिक नहीं पाई।बालटाल और पहलगाम—दोनों पवित्र मार्ग अब कीचड़,टूटे पत्थरों और फिसलन भरी ढलानों से भर गए हैं।श्रद्धालुओं के कदम जहां भक्ति से उठते थे,वहां अब सिर्फ मशीनों की आवाज़ और मरम्मत में जुटे कर्मचारियों का संघर्ष सुनाई देता है।
कश्मीर के डिविजनल कमिश्नर विजय कुमार बिधूड़ी ने कहा,“मार्ग की स्थिति बेहद खतरनाक है,सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है,मरम्मत कार्य जारी है लेकिन बहाली में समय लगेगा।”
भावनाओं और कारोबार पर चोट
अमरनाथ यात्रा का अचानक रुकना लाखों श्रद्धालुओं के सपनों पर पानी फेर गया।वहीं,टेंट,पोनी और दुकान लगाने वाले हजारों स्थानीय लोगों के लिए यह सीजन का सबसे बड़ा झटका साबित हुआ है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में बारिश का दौर जारी रह सकता है।तब तक,पवित्र गुफा की ओर जाने वाला रास्ता वीरान पड़ा रहेगा,और श्रद्धालु अगली बार भोलेनाथ के दर्शन की आस लगाए रहेंगे।
