"भोपाल में सपा का लाल इशारा:विधानसभा के बाहर स्वास्थ्य घोटाले से रोजगार तक सरकार को घेरा, चेतावनी-आंदोलन होगा और तेज"
MP।।भोपाल शुक्रवार को सियासी बिसात का केंद्र बन गया,जब समाजवादी पार्टी(सपा)ने विधानसभा का घेराव करते हुए राज्य सरकार पर सीधा हमला बोला। राजधानी के विधानसभा मार्ग पर सुबह से ही लाल झंडों और नारों की गूंज थी।पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनोज यादव के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता इकट्ठा हुए और सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
पार्टी का आरोप है कि मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है और जबलपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी(सीएमएचओ) डॉ.संजय मिश्रा पर सरकारी फंड के दुरुपयोग के गंभीर आरोप हैं,इसके बावजूद,अब तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई नहीं हुई है।घोटाले से लेकर बेरोजगारी तक—जनता के मुद्दों की लंबी लिस्ट
सपा ने अपने प्रदर्शन में सिर्फ स्वास्थ्य घोटाले को ही मुद्दा नहीं बनाया,बल्कि कई ऐसे सवाल उठाए जो सीधे जनता की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े हैं।
इनमें प्रमुख हैं—
•स्वास्थ्य विभाग में फंड की बंदरबांट और भ्रष्टाचार •महिला सुरक्षा को लेकर असंतोष और बढ़ते अपराध •युवाओं में तेजी से फैलती बेरोजगारी •व्यापारिक वर्ग की आर्थिक समस्याएँ और बाजार की सुस्ती •सड़क,पानी,बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी
प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनोज यादव ने प्रदर्शन के दौरान कहा—"मुख्यमंत्री मोहन यादव के शासन में प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह बिखर चुका है। स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं,शिक्षा में गिरावट आ रही है और रोजगार के अवसर खत्म होते जा रहे हैं।"
जिला महासचिव नरेंद्र कुमार राकेशिया ने महिला सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा—"महिला सुरक्षा पर जो दावे किए जा रहे हैं,वे सिर्फ कागजों में हैं,असल में,हालात बेहद खराब हैं और महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं।"
विधानसभा मार्ग पर लाल लहर और पुलिस का पहरा
प्रदर्शन से पहले ही प्रशासन अलर्ट हो गया था, विधानसभा मार्ग पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया,बैरिकेड्स लगाए गए और ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया।कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ते रहे,लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के कारण उन्हें विधानसभा गेट से पहले ही रोक दिया गया।
हालांकि माहौल गरम था,फिर भी प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा,कार्यकर्ताओं ने बैनर,पोस्टर और तख्तियों के जरिए सरकार की नीतियों और कामकाज पर सवाल उठाए।
सरकार की चुप्पी और विपक्ष का हमला
प्रदर्शन के बाद भी सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया,विपक्ष का आरोप है कि सरकार जनता की आवाज़ सुनने से बच रही है और गंभीर मुद्दों पर चुप्पी साधे हुए है।
सपा का कहना है कि यह प्रदर्शन सिर्फ शुरुआत है। अगर सरकार ने समय रहते भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई नहीं की, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और तेज होगा।
डॉ.मनोज यादव ने साफ कहा—
"हम विधानसभा से लेकर सड़क तक सरकार को जवाबदेह बनाएंगे।अगर जनता के मुद्दों को नजरअंदाज किया गया तो सड़कों पर उतरकर सरकार को जवाब देना पड़ेगा।"
स्वास्थ्य विभाग पर पहले भी लगे हैं आरोप
मध्य प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग पहले भी विवादों में रहा है,पिछले वर्षों में दवाओं की खरीद,उपकरणों की सप्लाई और अस्पतालों में संसाधनों के बंटवारे को लेकर कई बार घोटाले सामने आए हैं।जबलपुर में सीएमएचओ डॉ.संजय मिश्रा के खिलाफ लगे आरोप भी इसी कड़ी का हिस्सा हैं।विपक्ष का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की बजाय भ्रष्टाचार ने पूरे तंत्र को खोखला कर दिया है।
राजनीतिक असर—चुनावी साल में बड़ा मुद्दा बन सकता है आंदोलन
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा के बाहर सपा का यह प्रदर्शन सिर्फ एक विरोध कार्यक्रम नहीं,बल्कि आने वाले समय में विपक्ष की रणनीति का हिस्सा है।
चूंकि लोकसभा चुनाव में कुछ ही महीने बचे हैं और उसके बाद विधानसभा चुनाव का भी माहौल बनेगा, ऐसे में जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरना विपक्ष की प्राथमिकता होगी।
महिला सुरक्षा,बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे हमेशा चुनावी माहौल में असर डालते हैं,अगर सपा इन मुद्दों को लगातार उठाती रही,तो यह सरकार के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है।
जमीन से जुड़ा आंदोलन या सिर्फ सियासी प्रदर्शन?
राजनीतिक हलकों में सवाल भी उठ रहे हैं कि क्या सपा का यह आंदोलन वास्तव में जनता की आवाज़ है या फिर महज राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश?
पार्टी के नेताओं का कहना है कि यह आंदोलन पूरी तरह जनता की परेशानियों से जुड़ा है और इसे चुनावी फायदा लेने के लिए नहीं,बल्कि सरकारी नीतियों के विरोध में किया गया है।
आगे क्या?
सपा ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर सरकार ने भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई नहीं की और जनता की बुनियादी समस्याओं का हल नहीं निकाला,तो यह आंदोलन प्रदेश के हर जिले तक पहुंचेगा।
संभावना है कि आने वाले हफ्तों में पार्टी जिलास्तर पर भी इसी तरह के विरोध प्रदर्शन करेगी,जिससे सरकार पर दबाव बनाया जा सके।



