"आख़िरी सफ़र में अब नहीं होगी मजबूरी: जबलपुर जिला चिकित्सालय को मिले दो शव वाहन"
जबलपुर।।ज़िंदगी और मौत के बीच का सफ़र कभी भी पूरा हो सकता है,लेकिन मौत के बाद अपनों को विदा करने का सफ़र भी कई बार भारी पड़ जाता है —खासकर उन परिवारों के लिए, जिनके पास साधन नहीं होते।अब जबलपुर जिला चिकित्सालय में इस दर्द को थोड़ा कम करने की कोशिश की गई है।लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग से मिले दो नए शव वाहन आज सेवा में उतार दिए गए,शैलपर्ण उद्यान से लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह और महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने इन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।इस मौके पर कलेक्टर दीपक सक्सेना,नगर निगम कमिश्नर प्रीति यादव,डीएफओ ऋषि मिश्रा,सीएमएचओ डॉ.संजय मिश्रा समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद थे।
मानवता से जुड़ी पहल
प्रदेश सरकार की इस पहल के तहत अस्पताल में मृत्यु होने के बाद,मरीज या दुर्घटना पीड़ित का शव निःशुल्क घर या श्मशान घाट तक पहुंचाया जाएगा। यह सुविधा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए जीवन के सबसे कठिन समय में बड़ी मदद साबित होगी।
दर्द के समय सहारा
अक्सर देखा गया है कि शव ले जाने के लिए निजी वाहन का इंतज़ाम करना गरीब परिवारों के लिए एक और पीड़ा बन जाता है।अब ये वाहन न केवल शहर बल्कि आसपास के ग्रामीण इलाकों तक सेवा देंगे, ताकि किसी को अपने प्रियजन की विदाई में आर्थिक बोझ न उठाना पड़े।
शव वाहन सेवा आज से ही शुरू हो गई है,और जिला चिकित्सालय प्रशासन ने अपील की है कि ज़रूरत पड़ने पर सीधे अस्पताल या संबंधित विभाग से संपर्क करें।
