Mandla Haunted School Truth:बच्चों की बीमारी या अंधविश्वास? जानें ग्राम तिलाई के हाई स्कूल की असली कहानी...

"मंडला का‘ भुतहा स्कूल’ मामला:डर,अफवाह और सच्चाई की परतें खोलती पड़ताल"

मंडला के तिलाई स्कूल में बच्चों की अजीब हरकतें और बेहोशी ने फैलाई भूत की अफवाह। जांच में सामने आया डिहाइड्रेशन और खाली पेट का सच।

मंडला/स्पेशल रिपोर्ट—मध्यप्रदेश के मंडला जिले के ग्राम तिलाई का एकीकृत हाई स्कूल इन दिनों “भुतहा स्कूल” के नाम से चर्चा में है। 2 अगस्त के बाद से यहां के बच्चों की अजीब हरकतों, बेहोशी और सिर पीटने जैसी घटनाओं ने पूरे गांव में भूत-प्रेत की अफवाह फैला दी। लेकिन जब हमारी टीम ने सच्चाई तलाशनी शुरू की, तो कहानी में से डर की परत हटकर सामने आया एक बिल्कुल अलग सच।

घटना जिसने फैलाया डर

2अगस्त को दोपहर भोजनावकाश के बाद जैसे ही बच्चे कक्षाओं में लौटे,एक के बाद एक छात्र चक्कर खाकर गिरने लगे। कई रोने-चिल्लाने लगे, तो कुछ ने सिर पीटना शुरू कर दिया। देखते ही देखते यह अफवाह फैल गई कि स्कूल में प्रेत आत्मा का साया है।

स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट:डर नहीं,डिहाइड्रेशन था वजह

गांव के आरोग्यम केंद्र और बम्हनी बंजर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों ने बच्चों का परीक्षण किया।स्वास्थ्य कर्मी रेश्मा कार्तिक ने बताया कि बच्चों में सिर दर्द,चक्कर और पेट दर्द के लक्षण थे,जो खाली पेट स्कूल आने और गर्मी-उमस के कारण हुए।उन्होंने साफ किया — "ये मामला पूरी तरह स्वास्थ्य संबंधी था,भूत-प्रेत का इससे कोई लेना-देना नहीं।"

स्कूल प्रशासन की सफाई

प्रिंसिपल अनिल दुबे के अनुसार,सबसे पहले एक बच्ची की तबीयत बिगड़ी,जिसे तत्काल स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।वहां से उसे बेहतर इलाज के लिए बम्हनी और फिर जिला अस्पताल रेफर किया गया,कुछ ही घंटों में बच्ची ठीक होकर घर लौट आई।

अंधविश्वास से नुकसान,जागरूकता जरूरी

स्थानीय स्वयंसेवी कार्यकर्ता दीपक सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर स्वास्थ्य समस्याओं को भूत-प्रेत से जोड़ दिया जाता है,जिससे समय पर इलाज नहीं मिल पाता। उन्होंने अपील की कि किसी भी बीमारी में तुरंत डॉक्टर की सलाह लें और झाड़-फूंक में समय न गंवाएं।


 

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