"सीमा पर दुश्मनों की अब खैर नहीं!ग्वालियर का ‘चौकसी ड्रोन’हवा में करेगा पहचान,पीछा और सीधा वार"
ग्वालियर/टेकनपुर।दुश्मनों के लिए अब भारत की सीमाएं पार करना नामुमकिन सा होगा, क्योंकि ग्वालियर में तैयार हुआ‘चौकसी ड्रोन’हर हरकत पर नजर रखते हुए पहचान करेगा,पीछा करेगा और मौके पर ही कार्रवाई का रास्ता खोलेगा।टेकनपुर स्थित बीएसएफ की रुस्तमजी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (RJIT)के प्रोफेसर,छात्र और बीएसएफ अधिकारी मिलकर इस तकनीकी चमत्कार को अंजाम दे रहे हैं।
यह ड्रोन महज एक निगरानी मशीन नहीं है—यह ‘हवा में तैनात चौकीदार’ है।एडवांस फेस डिटेक्शन और ट्रैकिंग सिस्टम के जरिए यह संदिग्ध चेहरों को तुरंत स्कैन कर कंट्रोल रूम तक लाइव लोकेशन भेजता है। जिन चेहरों का डेटा पहले से मौजूद है,उन्हें देखते ही यह अलर्ट मोड में आकर पीछा शुरू कर देता है।
इतना ही नहीं—बीएसएफ के लिए तैयार किए जा रहे ‘ड्रोन टियर स्मोक लॉन्चर’ से यह ड्रोन भीड़ पर 6 आंसू गैस के गोले 35-50 फुट की ऊंचाई से गिरा सकता है, वो भी 3 किलोमीटर दूर से ऑपरेट होकर। मतलब, जवानों को भीड़ में घुसकर जान जोखिम में डालने की जरूरत नहीं होगी।
ट्रायल सफल होते ही यह ड्रोन भारत-बांग्लादेश और भारत-पाकिस्तान सीमाओं पर तैनात होगा, जहां यह घुसपैठ की हर कोशिश को हवा में ही रोक देगा। RJIT में चल रहा यह मिशन दिखाता है कि भारत की सीमा सुरक्षा अब तकनीक और साहस के नए संगम से लैस हो रही है—जहां दुश्मन का चेहरा बचना नामुमकिन होगा।
