ऑस्ट्रेलिया से ले आए भारत की यह मूर्तियां, गुलामी के दौरान अंग्रेज ले गए थे चुरा के.... - eaglenews24x7

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ऑस्ट्रेलिया से ले आए भारत की यह मूर्तियां, गुलामी के दौरान अंग्रेज ले गए थे चुरा के....

ऑस्ट्रेलिया से ले आए भारत की यह मूर्तियां, गुलामी के दौरान अंग्रेज ले गए थे चुरा के....

विक्की झा।।केंद्र की सत्ता में भाजपा की सरकार आने के बाद से ही भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,भारत की ऐतिहासिक धरोहर जिसे कभी ब्रिटिश मूल के देश वाले उठाकर या चुराकर ले गए थे,उन सारी दुर्लभ प्राचीन प्रतिमाओं को 2014 से ही भारत में वापस लाने के लिए भाजपा के कार्यकर्ता और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मन बना चुके थे और इससे जुड़े हर संभव प्रयास में वह लगे हुए थे।

भारत सरकार लगभग 2014 के बाद से ही चोरी की गई दुर्लभ चीजों को वापस लाने का प्रयास कर रही है,अभी हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने 21 मार्च को ऑस्ट्रेलिया से भारत वापस लाई गई 29 दुर्लभ मूर्तियों का उचित निरीक्षण किया।सूत्रों के अनुसार इन मूर्तियों में भगवान शिव,भगवान विष्णु,शक्ति की पूजा और जैन परंपराओं से जुड़ी कई मूर्तियां भी शामिल है।यह सभी 9 से 10 शताब्दी ईस्वी पूर्व की है,यह सभी पुरावशेष अलग-अलग कालखंड के हैं,जिन्हें गुलामी के दौरान चुराकर विदेश ले जाया गया था। 

भारत वापस लाई गई यह सारी मूर्तियां देश के अलग-अलग राज्यों से संबंध रखती हैं,जैसे गुजरात,मध्य प्रदेश,उत्तर प्रदेश,तमिलनाडु, बिहार,तेलंगाना और पश्चिम बंगाल।यह सभी मूर्तियां विभिन्न प्रकार की सामग्रियों से बनी है जैसे संगमरमर,कांस्य,पीतल,बलुआ पत्थर, कागज में निष्पादित मूर्तियां और हस्तकला का अनोखा संगम से बनी कई सारी पेंटिंग भी इसमें शामिल है।

भारत में भाजपा की सरकार आने के बाद से अब तक लगभग 200 से ज्यादा दुर्लभ प्राचीन प्रतिमाएं भारत वापस लाई जा चुकी है,हाल ही में 27 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हुई मन की बात में उन्होंने साफ-साफ शब्दों में स्पष्ट कर दिया था कि भारत की धरोहर को भारत में वापस लाना हमारा परम कर्तव्य है,और यह हम करके रहेंगे।इन मूर्तियों का भारत में वापस आ जाना सच में काफी सराहनीय और हर भारतीय के लिए गर्व पूर्ण बात है।


वहीं भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि 2014 से पहले हम सिर्फ 13 मूर्तियां ही भारत में वापस ला पाए थे,पर अब हम ब्रिटेन,फ्रांस, अमेरिका,हॉलैंड,सिंगापुर,जर्मनी और कनाडा जैसे कई देशों से भारत की पुरानी प्रतिमाओं को वापस लाने में पूर्ण रूप से सक्षम है।