नीतीश बोले- 10 लाख नौकरी की बात फालतू है - eaglenews24x7

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नीतीश बोले- 10 लाख नौकरी की बात फालतू है


सीएम नीतीश ने कहा कि जनता को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है. इतने पोस्ट हैं ही नहीं तो इतनी नौकरियां देंगे कहां से? कहां से पोस्ट क्रिएट करेंगे.

सीएम ने आरजेडी पर बोला हमलाकहा- कहां से क्रिएट करेंगे पदइन्हें नहीं है क-ख-ग का ज्ञान
बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए चुनाव प्रचार थम चुका है. 3 नवंबर को वोटिंग होनी है. वोटिंग से एक दिन पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आजतक से खास बातचीत की. इस बातचीत के दौरान नीतीश कुमार ने चुनावी मुद्दों के साथ ही अपनी उपलब्धियों, कोरोना काल में चुनाव प्रचार के अनुभव बताए तो विपक्ष पर हमला भी बोला.

सीएम नीतीश ने राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की ओर से किए गए 10 लाख सरकारी नौकरी के वादे को फालतू बताया. सीएम नीतीश ने कहा कि जनता को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है. इतने पोस्ट हैं ही नहीं तो इतनी नौकरियां देंगे कहां से? कहां से पोस्ट क्रिएट करेंगे. उन्होंने सवालिया अंदाज में कहा कि इतने पोस्ट क्रिएट करने का है अधिकार? ये जो बात बोल रहे हैं, वह बिल्कुल गलत है.

सीएम नीतीश ने कहा कि ये जो बात बोल रहे हैं, उसके लिए 1 लाख 44 हजार करोड़ रुपये की जरूरत है. इतने रुपये कहां से लाएंगे? इनको कुछ पता है? इन्हें क-ख-ग का ज्ञान नहीं है. आरजेडी पर हमला बोलते हुए लालू यादव का नाम लिए बगैर सीएम नीतीश ने कहा कि इनके राज में कितनी नौकरियां दी गईं, जनता यह जानती है.

उन्होंने कहा कि तब डॉक्टर और व्यापारी भी प्रदेश से चले गए थे. जब 10 लाख नौकरी देने की स्थिति होगी, तभी यह बात कहूंगा. सीएम नीतीश ने रोजगार के क्षेत्र में अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं और कहा कि हमारी सरकार ने बहुत लोगों को रोजगार दिया है. लोगों को काम के लिए सहायता दी जा रही है. हर जिले के जिलाधिकारियों को भी इस संबंध में निर्देश दिए गए हैं.


सीएम नीतीश ने रोजगार को लेकर कहा कि हमारी सरकार का जोर नई टेक्नोलॉजी का प्रशिक्षण देने पर है. हमारी कोशिश है कि किसी को मजबूरी में बाहर नहीं जाना पड़े. उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि जो बेरोजगारी की बात कर रहा है, उसकी सरकार के समय संयुक्त बिहार में 15 साल के दौरान महज 95 हजार लोगों को ही नौकरी मिली थी. यहां कहां रोजगार था.

सीएम ने अपनी सरकार के पहले के हालात का जिक्र करते हुए कहा कि तब कितने ही सरकारी कर्मचारी नौकरी छोड़कर चले गए थे. हमने कितने लोगों को काम दिया. उन्होंने नाराजगी को खारिज करते हुए कहा कि हमारे सुधार करने वाले कार्यों के कारण धंधेबाज नाराज हैं, आम जनता नहीं. सीएम ने कहा कि मुझसे नेताओं को नाराजगी है.