राशन लेने पहुँचने वालों को लौटा रहे दुकानदार; बहाना कम आवंटन का - eaglenews24x7

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राशन लेने पहुँचने वालों को लौटा रहे दुकानदार; बहाना कम आवंटन का


जबलपुर, एक देश एक राशन कार्ड का नियम क्या लागू हुआ गरीबों की फजीहत हो गई है। हर दिन दुकानदार नये-नये नियम बताकर पात्र हितग्राहियों को भी राशन नहीं बाँट रहे हैं। दुकानदार कभी नेटवर्क न होने का बहाना बनाते हैं तो कभी राशन का आवंटन न मिलने की बात कहकर हितग्राही को राशन नहीं दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि वे पिछले 3 महीने से परेशान हो रहे हैं। कभी उन्हें कलेक्ट्रेट भेज दिया जाता है तो कभी नगर निगम के जोन कार्यालय के चक्कर कटवाये जा रहे हैं, लेकिन उन्हें राशन नहीं मिल रहा है। हालाँकि यह भी कहा जा रहा है कि जब से राशन बाँटने का काम ऑनलाइन हुआ तभी से इस तरह की दिक्कतें हो रही हैं।

वन नेशन वन राशन कार्ड का उद्देश्य यह था कि गरीब देश में कहीं से भी राशन ले सकेगा, पर यहाँ तो उल्टा काम हो रहा है जो पात्र हैं उन्हें राशन नहीं मिल रहा है वह भी उन्हीं गाँव व क्षेत्र में। जिले में पनागर, बरगी, गढ़ा, घमापुर सहित कई ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ हितग्राही सबसे ज्यादा परेशान हो रहे हैं और उन्हें राशन नहीं दिया जा रहा है।

हैदराबाद से चल रहा पूरा काम
राशन कार्ड से आधार लिंक न होने की बात कहकर बहुत से लोगों के नाम काट दिये गये। हितग्राहियों से दस्तावेज मँगाये गये और आधार कार्ड जोड़े भी गये इसके बाद भी उनके नाम नहीं जुड़ पाये। अधिकारियों का कहना है कि पूरा काम हैदराबाद एनआईसी से होता है, इसलिये नाम जोड़ने के लिये लिस्ट भेजी गई है, लेकिन बहुत से पात्र हितग्राही जुड़ नहीं पा रहे हैं।

कम बाँटा राशन तो कटौती भी
राशन दुकानदार यदि 75 फीसदी या फिर 90 फीसदी ही राशन बाँटता है तो उसके स्टॉक में बचा माल दिखता रहता है जिसके बाद जब आवंटन होता है तो उतने प्रतिशत कम राशन का आवंटन होता है। यही वजह है कि पिछले कुछ महीनों से यह परेशानी हो रही है और राशन कम बाँटा जा रहा है। नागरिक आपूर्ति निगम के डीएम अरविंद जैन का कहना है कि राशन कम बाँटा जायेगा तो आवंटन तो कम ही दिया जायेगा, क्योंकि क्लोजिंग बैलेंस में ऑनलाइन दिखता है। इसके बाद जब राशन की माँग की जाती है तो उसका आवंटन भी आ जाता है।

कुछ जगह परेशानी
राशन को लेकर कुछ जगह परेशानी आ रही है, अभी पात्र हितग्राहियों से दस्तावेज माँगे जा रहे हैं और नाम जोड़ने और काटने की प्रक्रिया भी चल रही है। फिर भी हमारा प्रयास यही है कि कोई भी पात्र हितग्राही राशन से वंचित न रहे।