मौन धरना के बाद शिवराज ने सोनिया गांधी को पत्र लिखा - eaglenews24x7

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मौन धरना के बाद शिवराज ने सोनिया गांधी को पत्र लिखा


भोपाल । भाजपा नेता इमरती देवी के लिए दिए गए इस बयान को भाजपा ने मुद्दा बना लिया है। भाजपा ने इसको लेकर सोमवार को मध्य प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर मौन रहकर धरना दिया। वहीं, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इमरती देवी के समर्थन में मौन धारणा देते हुए कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र तक लिखा है। सीएम शिवराज ने सोनिया गांधी को लिखे पत्र में कहा है कि कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश की कैबिनेट मंत्री और अनुसूचित जाति वर्ग की नेता के खिलाफ अशोभनीय टिप्पणी की है। सीएम शिवराज ने सोनिया गांधी से इस मामले पर संज्ञान लेने का आग्रह किया है। शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से कमलनाथ को कांग्रेस पार्टी में सभी पदों से हटाने का आग्रह भी किया है।
शिवराज जी शब्दों का अनर्थ करने से भी आप चुनाव नहीं जीत सकते: कमलनाथ
कमलनाथ ने मामले पर सफाई देते हुए कहा कि आइटम अपमानित शब्द नहीं है। विधायक का नाम याद नहीं आया, इसलिए आइटम कह दिया। कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से कहा कि अभी चुनाव में 15 दिन बचे और आप इतने हताश हो गए हैं कि आप शब्दों के अर्थ बदल कर चुनाव जीतना चाहते हैं। कमलनाथ ने कहा कि जनता आपसे पूछ रही है कि आपने 2018 के दृष्टि पत्र में 10 लाख नौकरियां देने का वादा किया था तो आपने इन 7 महीनों में कितनी नौकरियां दीं। उत्तर देने की बजाय आप कह रहे हैं कमलनाथ ने आइटम कहा। हां मैंने आइटम कहा है क्योंकि यह कोई असम्मान जनक शब्द नहीं है। मैं भी आइटम हूं आप भी आइटम है और इस अर्थ में हम सभी आइटम है। लोकसभा और विधानसभा में कार्यसूची को आइटम नंबर लिखा जाता है, पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में भी आइटम नंबर लिखा जाता है। क्या यह असम्मानजनक है। मध्य प्रदेश की जनता जब खून के घूंट पी रही है तो उसके आंसू पोंछने की बजाय आपकी पार्टी मेरे कोक पीने को मुद्दा बना रही है ।क्या यह कोई मुद्दा है। क्या इससे जनता का जीवन जुड़ा है। शिवराज जी यह तो बताएं कि अगर कमलनाथ कोक पीना बंद कर दे तो क्या प्रदेश में माफिया राज रुक जाएगा। बलात्कार रुक जाएंगे। किसानों की आत्महत्या रुक जाएगी। जहरीली शराब से निर्दोष लोगों की मौतें रुक जाएंगीं।
कमलनाथ ने कहा कि सामने आइए और मुकाबला कीजिए। सहानुभूति और दया बटोरने की कोशिश वही लोग करते हैं जिन्होंने जनता को धोखा दिया हो। जिनके पास जनता का सामना करने के लिए कोई सच ना हो। मध्य प्रदेश जानता है कि आज नबालिग बच्चियां भी सुरक्षित नहीं है और आप स्त्री की अस्मिता की बात कर रहे हैं ।क्या आप की सरकार बच्चियों को सुरक्षा की गारंटी दे सकती है। प्रदेश के करोड़ों गरीबों आदिवासियों को जानवरों के खाने योग्य खाद्यान्न देने के बाद, क्या आपको लगता है कि शब्दों के अर्थ का अनर्थ करने से आप चुनाव जीत जाएंगे जनता ठान कर बैठी है गद्दारी के जवाब देने के लिए 10 तारीख तक इंतजार करिए।
महिला आयोग ने नोटिस भेजा
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने ट्वीट करके बताया कि कमलनाथ को नोटिस भेजा गया है। इसके साथ चुनाव आयोग को भी पत्र लिखा गया है। ग्वालियर संभाग के पार्टी प्रवक्ता केके मिश्रा का कहना है कि कमलनाथ ने किसी महिला को निशाना नहीं बनाया है। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा, मुझे नहीं लगता कि गांधी परिवार कमलनाथ के खिलाफ एक्शन लेगा। चाहे कमलनाथ हों या दिग्विजय सिंह, ये वे लोग हैं जो गांधी परिवार की रसोई में आग जलाए रहते हैं।