जबलपुर के लेडी एल्गिन हॉस्पिटल का विस्तार होगा; अब 500 बिस्तर होगी क्षमता, OT और HDU बनेगा देश में मॉडल - eaglenews24x7

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जबलपुर के लेडी एल्गिन हॉस्पिटल का विस्तार होगा; अब 500 बिस्तर होगी क्षमता, OT और HDU बनेगा देश में मॉडल


जबलपुर, रविवार को स्वास्थ्य विभाग भारत सरकार में डिप्टी कमिश्रर डॉ. आशीष चक्रवर्ती ने जबलपुर के एल्गिन हॉस्पिटल का निरीक्षण किया।

स्वास्थ्य विभाग भारत सरकार के डिप्टी कमिश्रर ने निरीक्षण के बाद की घोषणा जबलपुर संभाग के अलावा सागर और रीवा संभाग से आने वाले मरीजों को मिलेगा फायदा

रानी दुर्गावती महिला चिकित्सालय (एल्गिन) की क्षमता अब 500 बिस्तर की होगी। अभी ये अस्पताल 200 बेड का है। अस्पताल की क्षमता 100 बेड और बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा गया था। रविवार को स्वास्थ्य विभाग भारत सरकार में डिप्टी कमिश्रर डॉ. आशीष चक्रवर्ती ने एल्गिन का निरीक्षण किया। वे खासतौर पर एल्गिन की OT (ऑपरेशन थियेटर) और HDU (हाई डिपेंडेंसी यूनिट) देखने पहुंचे थे। भारत सरकार इस मॉडल को अन्य महिला चिकित्सालयों में भी प्रारम्भ कराने की तैयारी में है।

एल्गिन अस्पताल में बेड ऑकुपेंसी रेट 120.5 से अधिक है। इसे देखते हुए डिप्टी कमिश्रर डॉ. चक्रवर्ती ने इसकी क्षमता 500 बेड करने का निर्देश दिया। इसके लिए नए सिरे से प्रस्ताव मांगा है। एल्गिन अस्पताल में जबलपुर संभाग के अतिरिक्त सागर, रीवा संभाग से भी प्रसुति के लिए मरीज आते हैं। अगले 10-15 वर्षों में मरीजों की संख्या को देखते हुए अस्पताल की क्षमता अब सीधे 200 से 500 करने का निर्देश दिया है। एल्गिन परिसर स्थित पुराने नर्सेज हॉस्टल की नई बिल्डिंग पीछे तैयार हो चुकी है। पुरानी बिल्डिंग को तोड़कर नए वार्ड बनेंगे।

एल्गिन में छह बेड का है HDU
एल्गिन अस्पताल के डॉ. संजय मिश्रा ने बताया कि अस्पताल में छह बेड का हाई डिपेंडेंसी यूनिट (HDU) है। हर बेड मॉनीटर सिस्टम, ऑक्सीजन, वेंटीलेटर से युक्त है। इस यूनिट में डिलेवरी से संबंधित गंभीर महिलाओं को भर्ती किया जाता है। यहां गर्भावस्था के दौरान प्रि-एक्लेम्शिया, एक्लेम्शिया और एनीमिया जैसे गम्भीर रोगों से ग्रसित महिलाओं को बेहतर इलाज दिया जाता है। हर मरीज के साथ एक प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टॉफ की ड्यूटी लगती है।

नेशनल रैंकिंग में शामिल प्रदेश का एकमात्र अस्पताल
कायाकल्प अभियान और लक्ष्य योजना के तहत राष्ट्रीय स्तर की रैंकिंग में शामिल एल्गिन प्रदेश का एकमात्र अस्पताल है। नेशनल क्वालिटी ऑफ ऐसोरेंस सेल की तरफ से अस्पताल के अत्याधुनिक ऑपरेशन थियेटर, लेबर रूम की सुविधाओं को परखा जा चुका है। नवम्बर 2019 में अस्पताल को नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड सर्टिफिकेशन भी प्राप्त हो चुका है।