Business News|ईंधन महंगाई की नई मार:10 दिनों में चौथी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम....

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ईंधन महंगाई की नई मार:10 दिनों में चौथी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम....

कच्चे तेल की कीमतों और कमजोर रुपये का असर, आम जनता की बढ़ी चिंता

नई दिल्ली।देशभर में महंगाई से जूझ रहे आम लोगों को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है।सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने सोमवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी कर दी।बीते 10 दिनों में यह चौथी बार है जब ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं।लगातार बढ़ती कीमतों ने परिवहन से लेकर रोजमर्रा के खर्च तक लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

15 मई के बाद पेट्रोल 7 रुपये से ज्यादा महंगा

तेल कंपनियों के मुताबिक 15 मई के बाद से अब तक पेट्रोल की कीमत में करीब 7.35 रुपये प्रति लीटर और डीजल में लगभग 7.82 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हो चुकी है।राजधानी समेत कई बड़े शहरों में पेट्रोल और डीजल के दाम नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं।

वैश्विक बाजार और डॉलर बना बड़ी वजह

विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की लगातार बढ़ती कीमतें और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की कमजोरी इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह है।भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है,ऐसे में डॉलर मजबूत होने से तेल आयात और महंगा हो जाता है।

तेल कंपनियों पर बढ़ रहा आर्थिक दबाव

Oil and Natural Gas Corporation (ONGC) और Bharat Petroleum Corporation Limited (BPCL)के अधिकारियों के अनुसार वैश्विक बाजार में अस्थिरता और बढ़ती अंडर-रिकवरी के कारण तेल कंपनियों पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ रहा है।कंपनियों का कहना है कि लागत संतुलन बनाए रखने के लिए कीमतों में संशोधन जरूरी हो गया है।

महंगे ईंधन का असर हर घर तक पहुंचेगा

विशेषज्ञ मानते हैं कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि का सीधा असर परिवहन लागत पर पड़ेगा।ट्रांसपोर्ट महंगा होने से सब्जियों,खाद्यान्न,दूध,फल और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतें भी बढ़ सकती हैं।यानी आने वाले दिनों में महंगाई का असर और गहरा होने की आशंका है।

आम आदमी की जेब पर बढ़ता दबाव

लगातार बढ़ते ईंधन दामों से नौकरीपेशा,मध्यम वर्ग और छोटे व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।कई शहरों में लोग सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर सरकार से राहत देने की मांग कर रहे हैं।

आगे और बढ़ सकते हैं दाम

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट नहीं आती और रुपये की स्थिति कमजोर बनी रहती है,तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल के दामों में और बढ़ोतरी देखी जा सकती है।


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