विवि की समस्याओं पर सख्त हुए उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार,मूल्यांकन में देरी खत्म करने के लिए‘डिजिटल’समाधान...
जबलपुर।मध्यप्रदेश के विश्वविद्यालयों में छात्रों को लंबे समय से झेलनी पड़ रही समस्याओं को लेकर अब सरकार सख्त नजर आ रही है।उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने विश्वविद्यालयों की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए स्पष्ट संकेत दिए हैं कि छात्रों से जुड़े मामलों में अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।हाल ही में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद(ABVP) द्वारा सौंपे गए ज्ञापन पर संज्ञान लेते हुए मंत्री ने कहा कि छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दों का समाधान तय समय सीमा के भीतर किया जाएगा।
विश्वविद्यालयों को दिए जाएंगे सख्त निर्देश
मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि जल्द ही सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति(VC) और रजिस्ट्रार को निर्देश जारी किए जाएंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जो समस्याएं विश्वविद्यालय स्तर पर हल हो सकती हैं,उन्हें तुरंत निपटाया जाए, जबकि शासन स्तर के मामलों को सरकार प्राथमिकता से सुलझाएगी।
अकादमिक कैलेंडर को पटरी पर लाने की तैयारी
विश्वविद्यालयों में सत्र देरी से चलने की समस्या पर भी मंत्री ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अधिकांश विश्वविद्यालयों में काम अब समय पर चल रहा है, लेकिन जहां अभी भी देरी की स्थिति है,वहां इस वर्ष से पूरी व्यवस्था को व्यवस्थित किया जाएगा।
अब डिजिटल वैल्युएशन से खत्म होगी देरी
सबसे बड़ा बदलाव री-वैल्युएशन (पुनर्मूल्यांकन) की प्रक्रिया में किया जा रहा है।
उच्च शिक्षा विभाग अब Digital Evaluation System लागू करने जा रहा है, जिससे छात्रों को लंबे इंतजार से राहत मिलेगी।
मंत्री ने बताया कि अब उत्तर पुस्तिकाओं का डिजिटलीकरण किया जाएगा और मूल्यांकन पूरा होते ही छात्र अपनी कॉपी ऑनलाइन देख सकेंगे। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और समय व पैसे दोनों की बचत होगी।
मंत्री ने कहा —
“हमारा लक्ष्य है कि छात्रों को मूल्यांकन के लिए 400 दिनों जैसा लंबा इंतज़ार न करना पड़े। डिजिटल सिस्टम से देरी और अनावश्यक खर्च दोनों खत्म होंगे।”
छात्रों को मिलेगा सीधा फायदा
नई व्यवस्था लागू होने के बाद
री-वैल्युएशन प्रक्रिया तेज होगी
परिणामों में पारदर्शिता बढ़ेगी
छात्रों को बार-बार विश्वविद्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे
सरकार का मानना है कि इससे उच्च शिक्षा प्रणाली में भरोसा भी मजबूत होगा।

