“IAS को धमकी,कलेक्टर के बंगले में घुसा BJP MLA:अफसर बोले–रेत चोरी नहीं चलने दूंगा, विधायक बोला–तू सबसे बड़ा चोर है!”

“IAS को धमकी,कलेक्टर के बंगले में घुसा BJP MLA:अफसर बोले–रेत चोरी नहीं चलने दूंगा, विधायक बोला– तू सबसे बड़ा चोर है!”

भोपाल।मध्यप्रदेश में सत्ता और प्रशासन की जंग अब सड़क से सीधे कलेक्टर के घर तक पहुंच गई है,भिंड कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव से भाजपा विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह और उनके समर्थकों ने जिस तरह अभद्रता की,उसने पूरे IAS समुदाय को भड़का दिया है।अब IAS एसोसिएशन खुलकर सरकार के सामने खड़ा हो गया है और मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव व मुख्य सचिव अनुराग जैन से मिलकर कड़ा विरोध दर्ज कराने जा रहा है।

IAS अफसरों का गुस्सा फूटा

IAS एसोसिएशन के अध्यक्ष मनु श्रीवास्तव ने साफ चेतावनी दी है—

👉“अगर जनप्रतिनिधि कानून को ताक पर रखेंगे और अफसरों को घर में घुसकर धमकाएंगे,तो प्रशासन कैसे काम करेगा?”

अफसरों का कहना है कि यह हमला सिर्फ भिंड कलेक्टर पर नहीं बल्कि पूरे प्रशासनिक ढांचे पर है।अब सवाल है कि सरकार क्या MLA पर कार्रवाई करेगी या अफसरों को यूं ही अपमानित होने के लिए छोड़ देगी।

कर्मचारी संगठनों ने भी सरकार को घेरा

मप्र तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ने कहा—

👉“अगर MLA ऐसे ही गुंडागर्दी करेंगे तो प्रदेश में अधिकारी-कर्मचारी सुरक्षित नहीं रहेंगे। दहशत के माहौल में जनता का काम ठप हो जाएगा।”

कलेक्टर बंगले पर ‘धमकी और नारेबाजी’

यह घटनाक्रम किसी फिल्मी सीन से कम नहीं—

•MLA नरेंद्र सिंह कुशवाह समर्थकों के साथ कलेक्टर आवास पर धावा बोलते हैं।

•गेट पर ही विधायक चिल्लाते हैं और कहते हैं— “तू मुझे जानता नहीं है।”

•कलेक्टर का सीधा जवाब— “रेत की चोरी नहीं चलने दूंगा।”

•विधायक भड़कते हैं— “तू सबसे बड़ा चोर है।”

•फिर थप्पड़ मारने की धमकी, गेट फाड़कर अंदर घुसने की कोशिश, और समर्थकों की नारेबाजी…

•गार्ड्स ने बीच-बचाव कर कलेक्टर को अंदर भेजा, वरना स्थिति और बिगड़ सकती थी।

अब खड़े हो गए बड़े सवाल

1.क्या MLA अपने रसूख में अफसरों की गरिमा रौंद सकते हैं?

2.क्या सरकार चुप बैठेगी या विधायक पर कार्रवाई करेगी?

3.क्या IAS-IPS अधिकारी अब MLA की गुंडागर्दी के डर में काम करेंगे?

4.क्या यह पूरा विवाद रेत माफिया के सिंडिकेट से जुड़ा है?

निचोड़

भिंड कलेक्टर और विधायक की यह भिड़ंत अब प्रदेश की राजनीति और प्रशासन दोनों पर बड़ा धब्बा बन चुकी है।IAS एसोसिएशन से लेकर कर्मचारी संगठन तक खुलकर विरोध में उतर आए हैं।

👉अब सबकी निगाहें इस पर हैं कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव IAS अफसरों की गरिमा बचाते हैं या पार्टी के दबंग विधायक को बचाने के लिए मामला दबा दिया जाएगा।

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