मात्र 25 साल की उम्र में गुरु बन अमित ने निभाई जिम्मेदारी नेशनल जूनियर बॉक्सर का किताब दिलवाया,इस बच्चे का... - eaglenews24x7

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मात्र 25 साल की उम्र में गुरु बन अमित ने निभाई जिम्मेदारी नेशनल जूनियर बॉक्सर का किताब दिलवाया,इस बच्चे का...

मात्र 25 साल की उम्र में गुरु बन अमित ने निभाई जिम्मेदारी नेशनल जूनियर बॉक्सर का किताब दिलवाया,इस बच्चे का...

विक्की झा।।ऐसे तो हमारे भारत में हुनर बाजू की कमी नहीं है,पर किसी के हुनर को तराशने का काम एक गुरु से बेहतर कोई नहीं कर सकता, ऐसा ही कुछ अभी हाल ही में हुए जूनियर नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में हुआ हैं,जहां मुंबई कांदिवली के आदित्य मिश्रा ने गोल्ड जीत पूरे भारत में अपना और अपने गुरु का नाम रोशन किया हैं।


हमारे संवाददाता से जीत के बाद हुई बातचीत में बॉक्सर आदित्य मिश्रा ने कहा कि, इस जीत का पूरा श्रेय मेरे गुरु अमित पांडे जी को जाता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें, अमित पांडे मात्र 25 वर्षीय गुरु के साथ-साथ खुद एक बेहतरीन बॉक्सर और Trained Marital art फाइटर है। इन्होंने अपने खेल के दम पर कई सारे किताब हासिल किए है, जैसे International gold medalist, National gold medalist, State gold medalist, District gold medalist, Dso gold medalist, Wushu District gold medalist, Wushu state gold medalist, Wushu National gold medalist और साथ ही MMA player का किताब भी यह इसी उमर में जीत चुके हैं।


आपकी जानकारी के लिए बता दे, 25 वर्षीय इतनी कम उम्र में ऐसे कुछ ही फाइटर्स होते हैं, जिन्होंने आज तक किसी मुकाबले में हार का सामना नहीं किया हों, इन्हीं में से एक है गुरु अमित पांडे.. National junior boxing championship में गोल्ड जीतने वाले आदित्य मिश्रा से अपने गुरु के बारे में इतनी तारीफ सुनने के बाद, जब हमारे संवाददाता ने गुरु अमित पांडे जी से स्वयं बात की तो उनकी बातें सुनकर और देश के प्रति उनका योगदान देखकर काफी गर्व महसूस हुआ। अमित पांडे जी का कहना था कि,"मैंने अब तक कई संस्थानों के लिए काम किए हैं, कई स्कूल और कॉलेजों में फाइट की ट्रेनिंग दी है, फिर भी अभी तक मेरा लक्ष्य पूरा नहीं हुआ, मेरा महत्वपूर्ण लक्ष्य हैं, भारत से सभी हुनर बाज फाइटर को उसकी काबिलियत के हिसाब से पदक दिलवाना और उचित सम्मान प्राप्त करवाना। 


मैंने अपना पूरा जीवन फाइट को समर्पित कर दिया है, आदित्य की तरह जब भी मौका मिलेगा, मैं हर वर्ष एक बच्चे को अवश्य नेशनल और वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए तैयार करूंगा, ताकि वह वहां जाकर अपने खेल के दम पर जीते और भारत को गोल्ड दिलाएं। अगर कोई बच्चा घर की आर्थिक स्थिति के कारण काबिलियत होने के बावजूद भी अपने सपने पूरे नहीं कर पा रहा, तो घबराइए मत अगर आपके अंदर सच में भारत को गोल्ड जिताने काबिलियत है, तो मैं आप को निस्वार्थ भाव से सिखाऊंगा यह बात उन्होंने हमारे संवाददाता से कहीं।


अमित पांडे भारत में मार्शल आर्ट को घर-घर पहुंचाना चाहते हैं, और साथ ही महिलाओं को अपनी सुरक्षा के लिए इसकी ट्रेनिंग भी देना चाहते हैं, देश के प्रति उनका यह योगदान देखकर और उनके द्वारा सिखाए शिष्य आदित्य मिश्रा का गोल्ड देखकर तो सिर्फ इतना ही कहा जा सकता है, "शाबाश गुरुजी शाबाश"