टोल बचाने के लिये जिंदगी दाव पर लगा रहे लोग....?आखिर मसला क्या है जाने.... - eaglenews24x7

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टोल बचाने के लिये जिंदगी दाव पर लगा रहे लोग....?आखिर मसला क्या है जाने....

टोल बचाने जिंदगी दाव पर लगा रहे लोग......


नहर की सकरी रोड से निकल रहे वाहन....


आखिर क्यों शासन प्रशासन के द्वारा अभी तक कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाए जा रहे हैं...? चिंता का विषय है.....

कब तक लोग जरा सा पैसा बचाने के लिए अपनी जिंदगी और मौत से खेलते रहेंगे...?

बरगी:-सरकार लोगों को सड़क हादसों से बचाने के लिए करोड़ों खर्च करके फोर लेन सड़को का निर्माण कर रही है जिससे समय और दुर्घटनायें दोनों को घटाया जाए परंतु लोग खुद अपनी जान से खिलवाड़ कर रहे है रीवा से लेकर लखनादौन तक फोर लाइन रोड का निर्माण किया परंतु वाहन चालक टोल का पैसा बचाने के चक्कर मे नहर के ऊपर बनी रोड से निकल रहे है जिसमे छोटी गाड़ियों से लेकर बड़े बड़े ट्रक डम्फर बस भी इस रास्ते से निकल रहे है यह रास्ता बेसे ही इतना खराब होता है कि वाहन बहुत मुश्किल से निकल पाते है और बड़े ओवरलोड वाहनों ने इसे और खराब कर दिया जिससे वाहनों का नहर में गिरने का खतरा बना रहता है।


लगभग 6 माह पूर्व सीधी जिले में एक नहर पर दौड़ती बस गड्ढे से उछल कर अपने से नियंत्रण खो कर नहर में समा गई थी जिसमे 54 लोग सवार थे यह हादसा इतना भीसड था कि 44 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी इसी तरह बरगी के पास नहरों में दौड़ रहे वाहन कभी भी इस घटना की पुनरावृत्ति कर सकते है।

दुर्घटना होने के पश्चात कुछ दिनों तक तो शासन-प्रशासन के द्वारा कड़ाई दिखाई दी,परंतु ऐसी घटनायें न घटें इसके उपाय करने की बजह घटनाएं होने का इंतजार करना कहाँ तक सही है ना जाने इन घटनाओं में कितने परिवार उजड़ जाते है सिंचाई विभाग की माने तो नहर की एप्रोच रोड पर किसी भी वाहन को निकलने की अनुमति नहीं है बाबजूद इसके बगैर किसी रोक टोक के वाहनों के आवाजाही आने बाले समय मे बड़ी घटना को न्योता दे रहे है।

जिस नहर पर बेतरतीब वाहनों की आवाजाही बानी हुई है बह इतनी सकरी रोड है कि सामने से वाहन आने पर क्रॉस करने में रोड से नीचे उतारना होता है जिससे बारिश के मौसम में गाड़ियों का फिसल कर नहर में गिरने का खतरा बना हुआ है इन्ही खतरों को देखते हुए सिचाई विभाग द्वारा क्रॉस बैरियर लगाए गए थे परंतु बड़े वाहनों ने उन्हें तोड़ दिया जिससे उनकी आवाजाही बानी रहे परंतु जिम्मेदारों ने सिर्फ अपना काम खत्म कर लोगों को दुर्घटनाओं का शिकार होने छोड़ दिया।