आयुष्मान कार्ड धारक कोरोना मरीजों के लिए निजीअस्पतालों में दस प्रतिशत बिस्तर आरक्षित हों। - eaglenews24x7

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आयुष्मान कार्ड धारक कोरोना मरीजों के लिए निजीअस्पतालों में दस प्रतिशत बिस्तर आरक्षित हों।

आयुष्मान कार्ड धारक कोरोना मरीजों के लिए निजीअस्पतालों में दस प्रतिशत बिस्तर आरक्षित हों।


बेड की उपलब्धता पर भी नजर रखें कलेक्टर ने वर्चुअल मीटिंग में निजी अस्पतालों के लिए नियुक्त नोडल अधिकारियों को दिये निर्देश।

जबलपुर:-कलेक्टर IAS Karmveer Sharma ने सोमवार की शाम निजी अस्पतालों के लिए नियुक्त नोडल अधिकारियों की वुर्चअल मीटिंग लेकर इन अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड धारी कोरोना मरीजों के उपचार के लिए दस प्रतिशत बिस्तर आरक्षित रखना सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं। 


कलेक्टर ने कोरोना मरीजों के उपचार के लिए उपलब्ध बिस्तरों की लगातार अपडेट लेने की हिदायत भी अधिकारियों को दी। 


वर्चुअल मीटिंग में अपर कलेक्टर हर्ष दीक्षित, डिप्टी कलेक्टर अनुराग तिवारी सहित सभी एसडीएम तथा निजी अस्पतालों में बिस्तरों की उपलब्धता पर नजर रखने नियुक्त किये गये पटवारी भी जुड़े थे। 


कलेक्टर ने वर्चुअल मीटिंग में निजी अस्पतालों में कोरोना मरीजों के उपचार के लिए ऑक्सीजन एवं आईसीयू बिस्तरों की उपलब्धता तथा भरे और खाली बिस्तरों की जानकारी ली।उन्होंने निजी अस्पतालों द्वारा क्षमता विस्तार की योजना पर की जा रही कार्यवाही का ब्यौरा भी नोडल अधिकारियों से लिया। 


कलेक्टर ने निजी अस्पतालों में आक्सीजन की उपलब्धता तथा आवश्यकता के बारे में भी पूछताछ की। 


कलेक्टर ने वर्चुअल मीटिंग में निजी अस्पतालों में उपलब्ध खाली और भरे बिस्तरों की जानकारी को निर्धारित प्रपत्र में लगातार अपडेट करने के निर्देश दिया।उन्होंने बिस्तरों की उपलब्धता की जानकारी से कोरोना कंट्रोल रूम को भी लगातार अपडेट करने के निर्देश दिये हैं ताकि कोरोना पेशेन्ट के परिजनों को गाइड किया जा सके और उन्हें उपचार के लिए भर्ती किये जाने में किसी तरह की असुविधा न हो। 


कलेक्टर ने राज्य शासन द्वारा कोविड मरीजों के उपचार के लिए निर्धारित दरों को प्रत्येक निजी अस्पताल के सूचना पटल पर प्रदर्शित किया जा रहा है यह सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिये।


कलेक्टर ने निजी अस्पतालों के लिए प्रभारी बनाये गये पटवारियों के नाम और मोबाइल नंबर भी सूचना पटल पर प्रदर्शित करने कहा।उन्होंने राज्य शासन द्वारा निर्धारित गाइड लाइन का उल्लंघन करने वाले निजी अस्पतालों की रिपोर्ट सीधे वरिष्ठ अधिकारियों को देने की बात कही। 


कलेक्टर ने निजी अस्पतालों के प्रभारी बनाये गये पटवारियों को आपस में समंजस्य बनाये रखने इन अस्पतालों में खाली और भरे बिस्तरों की जानकारी आपस में शेयर करने के निर्देश दिये।


ताकि किसी अस्पताल में यदि सभी बिस्तर भर गये हैं तो कोरोना मरीज को उस अस्पताल भेजा जा सके जहां बिस्तर खाली हैं,इससे पेशेंट और उनके परिजनों को भटना नहीं पड़ेगा।