चिकित्सा‍ शिक्षा मंत्री श्री सारंग ने की मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में कोरोना संक्रमितो के उपचार व्यवस्थाओं की समीक्षा - eagle news

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चिकित्सा‍ शिक्षा मंत्री श्री सारंग ने की मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में कोरोना संक्रमितो के उपचार व्यवस्थाओं की समीक्षा


जबलपुर, चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री विश्वास सारंग ने आज मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में बैठक कर मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं और व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस दौरान विधायक श्री अजय विश्नोई, एसीएस श्री मोहम्मद सुलेमान, संभागायुक्त श्री महेश चंद्र चौधरी, आईजी श्री बी.एस. चौहान, कलेक्टर श्री कर्मवीर शर्मा, एसपी श्री सिद्धार्थ बहुगुणा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रियंक मिश्र, मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. प्रदीप कसार सहित अन्य चिकित्सक व संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

इस दौरान मंत्री श्री सारंग ने कहा कि मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर चिकित्सीय व्यवस्थाओं को सुधारें। उपलब्ध मेन पावर का सही उपयोग कर कार्य प्रणाली में सुधार करें। कोविड के उपचार व रोकथाम के लिए मेडिकल स्टाफ का नए सिरे से रोस्टर बनाएं। मरीजों को प्रोटोकॉल के आधार पर दवाई व गरम पानी सुनिश्चित की जाए । साथ ही मरीजों के परिजनों से वीडियो कॉल के माध्यम से बात कराएं। हेल्पडेस्क सिस्टम को मजबूत करें,जिसमें हर कोविड पेशेंट की जानकारी मिल सके। सीनियर मेडिकल कंसलटेंट कोविड मरीजों की निगरानी करें साथ ही जूनियर डॉक्टरों को मार्गदर्शन भी दें। उन्होंने विशेष जोर देकर कहा कि मरीजों के परिजनों में आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए उनसे वीडियो कॉल से बात कराएं तथा मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के बारे में जो भ्रामक धारणाएं हैं उन्हें दूर करें और लोगों में मेडिकल कॉलेज का विश्वास कायम हो यह सुनिश्चित करें। एसीएस श्री सुलेमान ने जोर देकर कहा कि टीम भावना से काम कर स्टाफ की कार्यकुशलता को बढ़ाएं। सक्सेस स्टोरी भी जारी करें। साथ ही स्वास्थ्य सिस्टम में जो विश्वास की कमी है उसे दूर करें इसके लिए हर संभव प्रयास करें।

मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ कसार ने बैठक के शुरू में ही कोविड- समरी रिपोर्ट की जानकारी देकर टेस्टिंग, ऑक्सीजन व बिस्तर की उपलब्धता, मेन पावर तथा चिकित्सीय प्रगति के बारे में जानकारी दी।

शिक्षा शिक्षा मंत्री श्री सारंग ने कहा कि वह अगले हफ्ते फिर से मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं की समीक्षा करने आएंगे अतः एक हफ्ते के अंदर उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग कर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर लें ताकि कोई मरीज परेशान ना हो, हर मरीज को बेहतर उपचार सुनिश्चित हो सके जिससे उनके जीवन की सुरक्षा हो सके।