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रीवा में सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल:बाल संप्रेषण गृह की खिड़की तोड़ 6 बच्चे फरार...
सुबह की गिनती में खुला मामला,मचा हड़कंप
मध्यप्रदेश।रीवा जिले में मंगलवार सुबह उस समय प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया, जब बाल संप्रेषण गृह में रह रहे 6 बच्चे अचानक लापता पाए गए। नियमित उपस्थिति जांच के दौरान बच्चों के गायब होने की जानकारी सामने आई, जिसके बाद पूरे परिसर की तलाशी ली गई। जांच में बाथरूम की एक खिड़की का कांच टूटा मिला, जिससे आशंका जताई जा रही है कि बच्चे उसी रास्ते से बाहर निकले।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया गया और पूरे जिले में अलर्ट जारी कर दिया गया।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
बाल संप्रेषण गृह से बच्चों के फरार होने की यह पहली घटना नहीं बताई जा रही है। इससे पहले भी कई बार सुरक्षा में चूक के मामले सामने आ चुके हैं। बार-बार होने वाली घटनाओं ने संस्थान की निगरानी व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, फरार हुए बच्चों को विभिन्न मामलों में यहां रखा गया था। इनमें चोरी और गंभीर आपराधिक प्रकरणों से जुड़े किशोर भी शामिल बताए जा रहे हैं। उन्हें सुधार और पुनर्वास की प्रक्रिया के तहत संस्थान में रखा गया था।
पुलिस ने शुरू किया सर्च ऑपरेशन
घटना के बाद पुलिस ने संभावित ठिकानों पर तलाश अभियान शुरू कर दिया है। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और आसपास के जिलों को भी सूचना भेजी गई है। पुलिस टीमों को बच्चों के रिश्तेदारों और परिचितों के यहां भी जांच के निर्देश दिए गए हैं।
स्थानीय पुलिस का कहना है कि फरार बच्चों की तलाश प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है और जल्द ही उन्हें सुरक्षित बरामद करने का प्रयास किया जा रहा है।
सुरक्षा इंतजामों की होगी समीक्षा
इस घटना के बाद बाल संप्रेषण गृह की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की मांग तेज हो गई है। बाल अधिकारों और किशोर सुधार से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे संस्थानों में केवल निगरानी ही नहीं, बल्कि बच्चों की मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग और नियमित संवाद भी आवश्यक है, ताकि वे भागने जैसे कदम न उठाएं।
थाना प्रभारी ने क्या कहा?
समान थाना प्रभारी विजय सिंह के अनुसार, सुबह सूचना मिली थी कि बाल संप्रेषण गृह से 6 बच्चे बाथरूम की खिड़की का कांच तोड़कर फरार हो गए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीमों को सक्रिय कर तलाश शुरू कर दी गई है। बच्चों की खोजबीन लगातार जारी है।
Eagle News 24X7 Special Note
रीवा की यह घटना केवल सुरक्षा में चूक का मामला नहीं है,बल्कि किशोर सुधार गृहों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करती है।यदि पहले हुई घटनाओं से सबक लेकर सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया गया होता, तो शायद इस तरह की पुनरावृत्ति रोकी जा सकती थी।अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि फरार बच्चों को कितनी जल्दी तलाश कर वापस लाया जाता है और जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है।

