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बेगमगंज में साइकिल स्टैंड निर्माण पर उठे सवाल,शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली जांच के घेरे में...
स्कूलों में बने साइकिल स्टैंड पर पारदर्शिता को लेकर विवाद
रायसेन/बेगमगंज|Eagle News 24x7बेगमगंज विकासखंड के कई शासकीय विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के लिए बनाए गए साइकिल स्टैंड अब विवादों के केंद्र में आ गए हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों द्वारा लगाए गए आरोपों के अनुसार निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, लागत और प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। मामले में शिक्षा विभाग के अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में बताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार विकासखंड के विभिन्न स्कूलों में साइकिल स्टैंड निर्माण के लिए शासन स्तर से राशि स्वीकृत की गई थी, लेकिन निर्माण कार्यों से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं कराई गई। इसी कारण अब पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है।
जनपद शिक्षा समिति अध्यक्ष ने मांगी थी जानकारी
जनपद पंचायत बेगमगंज की उपाध्यक्ष एवं जनपद शिक्षा समिति अध्यक्ष सावित्री बाई मेहरबान सिंह लोधी ने आरोप लगाया है कि विकासखंड के स्कूलों में कराए गए निर्माण कार्यों की जानकारी उन्हें उपलब्ध नहीं कराई गई।
उन्होंने पहले एसडीएम बेगमगंज को लिखित आवेदन देकर निर्माण कार्यों की सूची, लागत और स्वीकृति संबंधी दस्तावेजों की जानकारी मांगी थी। उनका कहना है कि शिक्षा समिति के पद पर होने के बावजूद उन्हें प्रक्रिया से अवगत नहीं कराया गया।
कलेक्टर और मुख्यमंत्री तक पहुंची शिकायत
स्थानीय स्तर पर कार्रवाई नहीं होने के बाद शिकायत को जिला प्रशासन और राज्य शासन तक पहुंचाया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि निर्माण कार्यों में वित्तीय अनियमितताओं की आशंका है तथा पूरे मामले की तकनीकी और वित्तीय जांच कराई जानी चाहिए।
जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यदि सभी कार्य नियमानुसार हुए हैं तो निर्माण से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।
आरटीआई के जवाब में देरी से बढ़े संदेह
मामले में सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत भी जानकारी मांगी गई थी। आरोप है कि निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी संबंधित जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।
पारदर्शिता से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक धन से किए गए निर्माण कार्यों की जानकारी समय पर उपलब्ध कराना संबंधित विभागों की जिम्मेदारी होती है। ऐसे मामलों में देरी होने पर अनावश्यक विवाद और संदेह की स्थिति बनती है।
क्या होगी जांच?प्रशासनिक कार्रवाई पर नजर
फिलहाल शिकायतकर्ताओं की मांग है कि सभी संबंधित स्कूलों के साइकिल स्टैंड निर्माण की भौतिक जांच कराई जाए, स्वीकृत राशि और वास्तविक निर्माण लागत का मिलान किया जाए तथा यदि कहीं अनियमितता मिलती है तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
अब निगाहें जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग पर टिकी हैं कि शिकायतों के बाद जांच प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ती है।

