जबलपुर में अनुकंपा नियुक्ति विवाद ने पकड़ा तूल,राघवेंद्र तिवारी पहुंचे एसपी ऑफिस...

जबलपुर क्राइम न्यूज़/मध्यप्रदेश समाचार/विवाद एवं जांच

जबलपुर में अनुकंपा नियुक्ति विवाद ने पकड़ा तूल,राघवेंद्र तिवारी पहुंचे एसपी ऑफिस...

आरोपों के बीच पलटवार,बोले-मेरी सामाजिक छवि खराब करने की साजिश...

Jabalpur।जबलपुर में अनुकंपा नियुक्ति और पैसों के कथित लेनदेन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब खुलकर आरोप-प्रत्यारोप की लड़ाई में बदल गया है।मामले में नाम सामने आने के बाद राघवेंद्र तिवारी पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और लिखित आवेदन देकर अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया।उन्होंने कहा कि कुछ लोग उनकी सामाजिक और राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाने की नीयत से गलत आरोप लगा रहे हैं।

निशांत लोधी और रूपा अरोरा ने लगाए थे गंभीर आरोप

इससे पहले शिकायतकर्ता निशांत लोधी और रूपा अरोरा ने आरोप लगाया था कि राघवेंद्र तिवारी ने सीओडी विभाग में अनुकंपा नियुक्ति दिलाने का भरोसा देकर उनसे करीब एक लाख रुपये से अधिक की रकम ली,लेकिन बाद में नियुक्ति नहीं कराई गई।शिकायतकर्ताओं ने मामले में पुलिस से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की थी।

राघवेंद्र तिवारी ने पेश किए दस्तावेज,हाईकोर्ट आदेश का भी हवाला

एडिशनल एसपी सूर्यकांत शर्मा के अनुसार,राघवेंद्र तिवारी की ओर से उनके अधिवक्ता ने हाईकोर्ट से जुड़े कुछ आदेशों की प्रतियां और फीस संबंधी दस्तावेज भी पुलिस को सौंपे हैं। पुलिस का कहना है कि इन दस्तावेजों के सामने आने के बाद जांच का दायरा और व्यापक हो गया है।

जन्मतिथि बदलवाने के विवाद ने दिया नया मोड़

मामले में एक और नया मोड़ तब आया जब राघवेंद्र तिवारी ने रूपा अरोरा से जुड़े विवाद का जिक्र किया।उनका कहना है कि रूपा अरोरा अपने बच्चे की जन्मतिथि बदलवाना चाहती थीं। शुरुआत में मदद की कोशिश की गई,लेकिन बाद में अधिवक्ता ने स्पष्ट कर दिया कि सही दर्ज जन्मतिथि को कानूनी रूप से बदला नहीं जा सकता।राघवेंद्र का आरोप है कि इसी नाराजगी के चलते उनके खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज कराई गई।

दोनों पक्षों के आवेदन बेलबाग थाना भेजे गए

पुलिस प्रशासन ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए दोनों पक्षों के आवेदन जांच के लिए बेलबाग थाना प्रभारी को सौंप दिए हैं।पुलिस अब दस्तावेजों,वित्तीय लेनदेन और दोनों पक्षों के दावों की बारीकी से जांच करेगी।

झूठे साक्ष्य पाए जाने पर होगी सख्त कार्रवाई

एडिशनल एसपी सूर्यकांत शर्मा ने साफ कहा है कि जांच पूरी तरह साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर की जाएगी।यदि जांच में किसी भी पक्ष द्वारा झूठे दस्तावेज पेश करने,भ्रामक जानकारी देने या साक्ष्य गढ़ने की बात सामने आती है,तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

जबलपुर में चर्चा का विषय बना मामला

अनुकंपा नियुक्ति,राजनीतिक पहचान और पैसों के लेनदेन से जुड़ा यह विवाद अब जबलपुर में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।फिलहाल सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी है,जिससे आने वाले दिनों में कई अहम खुलासे हो सकते हैं।


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