Jabalpur News/Madhya Pradesh News
क्रूज हादसे की गुत्थी सुलझाने में जुटा आयोग,सुरक्षा खामियों पर होगी बड़ी कार्रवाई...
जबलपुर के चर्चित क्रूज हादसे की जांच अंतिम चरण में
जबलपुर।मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुए चर्चित क्रूज हादसे की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है।घटना की तह तक जाने के लिए गठित जांच आयोग लगातार संबंधित अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों से पूछताछ कर रहा है। आयोग का उद्देश्य केवल हादसे के कारणों का पता लगाना ही नहीं,बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था तैयार करना भी है।वरिष्ठ अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों से पूछताछ जारी
जांच प्रक्रिया के तहत एमपी टूरिज्म के रीजनल मैनेजर,मैकल रिसॉर्ट प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों को आयोग के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।सूत्रों के अनुसार,प्रमुख तकनीकी विशेषज्ञ का बयान दर्ज किया जा चुका है,जबकि अन्य संबंधित अधिकारियों से भी विस्तृत जानकारी ली जा रही है।
आयोग यह जानने का प्रयास कर रहा है कि हादसे के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया था या नहीं तथा कहीं मानवीय लापरवाही या प्रशासनिक चूक तो इस दुर्घटना की वजह नहीं बनी।
सिर्फ हादसे की जांच नहीं,पूरे प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था होगी समीक्षा
जांच समिति का दायरा केवल जबलपुर तक सीमित नहीं रखा गया है।आयोग ने संकेत दिए हैं कि मध्य प्रदेश में संचालित सभी क्रूज सेवाओं के सुरक्षा मानकों की व्यापक समीक्षा की जाएगी।
विशेषज्ञों की राय और जांच रिपोर्ट के आधार पर सरकार को ऐसे सुझाव सौंपे जाएंगे,जिनसे यात्रियों की सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।आयोग वर्तमान नियमों में संशोधन और नई सुरक्षा गाइडलाइन लागू करने की संभावनाओं पर भी विचार कर रहा है।
वायरल पत्र और क्षतिग्रस्त क्रूज की स्थिति भी जांच के घेरे में
हादसे के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक पत्र और क्रूज को हुए नुकसान से जुड़े तथ्यों को भी जांच में शामिल किया गया है।आयोग इन सभी बिंदुओं का परीक्षण कर रहा है ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रम की स्थिति को दूर किया जा सके।
अधिकारियों का कहना है कि गवाहों के बयान,दस्तावेजी साक्ष्य और घटनास्थल के निरीक्षण के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक किए जाएंगे।
आयोग की रिपोर्ट पर टिकी सबकी नजर
जबलपुर क्रूज हादसे को लेकर प्रदेशभर में चर्चा बनी हुई है। ऐसे में आयोग की अंतिम रिपोर्ट यह तय करेगी कि दुर्घटना के लिए जिम्मेदार कौन था और भविष्य में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कौन-कौन से कदम उठाए जाएंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह रिपोर्ट प्रदेश में जल पर्यटन और क्रूज संचालन के लिए नई सुरक्षा नीति का आधार बन सकती है।

