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MP हाई कोर्ट के नवाचारों की देशभर में चर्चा,केंद्रीय कानून मंत्री ने की सराहना...
साइन लैंग्वेज से न्याय और जज की साइकिल यात्रा बनी मिसाल...
जबलपुर।मध्यप्रदेश हाई कोर्ट अपने अनोखे नवाचारों और न्याय व्यवस्था में तकनीक व संवेदनशीलता के समावेश को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है।केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने जबलपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की खुलकर सराहना की और कहा कि यहां किए गए नवाचार अब पूरे देश के लिए उदाहरण बन रहे हैं।कानून मंत्री ने कहा कि न्याय व्यवस्था को आम जनता के लिए अधिक सुलभ और मानवीय बनाने की दिशा में मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने कई ऐसे कदम उठाए हैं, जिनकी चर्चा अब देश ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हो रही है।
“सादगी और पर्यावरण संरक्षण का बड़ा संदेश”
कार्यक्रम में कानून मंत्री ने विशेष रूप से हाई कोर्ट के जस्टिस डीडी बंसल का उल्लेख किया।उन्होंने कहा कि जब एक न्यायाधीश स्वयं साइकिल चलाकर कोर्ट पहुंचते हैं,तो यह केवल व्यक्तिगत सादगी का उदाहरण नहीं होता बल्कि समाज को पर्यावरण संरक्षण और जिम्मेदारी का बड़ा संदेश भी देता है।
मेघवाल ने कहा कि यह पहल अब अन्य संस्थानों और न्यायिक व्यवस्थाओं के लिए प्रेरणा बन रही है।
साइन लैंग्वेज से न्याय दिलाने की अनोखी पहल
मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने देश में पहली बार मूक-बधिर व्यक्तियों के लिए साइन लैंग्वेज (सांकेतिक भाषा) के माध्यम से न्याय प्रक्रिया को आसान बनाने की पहल भी शुरू की है। इस कदम को न्यायिक समावेशन की दिशा में ऐतिहासिक माना जा रहा है।
केंद्रीय कानून मंत्री ने कहा कि न्याय तभी सार्थक होगा जब समाज के हर वर्ग को समान अवसर और समान मंच उपलब्ध कराया जाए।
तकनीक और संवेदनशीलता का संगम
विशेषज्ञों का मानना है कि मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की पहलें न्यायपालिका में आधुनिक तकनीक,सामाजिक संवेदनशीलता और पर्यावरणीय जागरूकता का संतुलित उदाहरण हैं।
जबलपुर स्थित हाई कोर्ट की इन पहलों को अब देशभर की न्यायिक संस्थाओं के लिए मॉडल के रूप में देखा जा रहा है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में ऐसी पहलें न्याय व्यवस्था को और अधिक समावेशी और आधुनिक बनाएंगी।

