Crime News / Corruption / Jabalpur News
हाईवे पर ‘रिश्वत का खेल’बेनकाब,RTO महिला आरक्षक समेत 2 आरोपी लोकायुक्त के जाल में...
जबलपुर।नागपुर-जबलपुर हाईवे पर वाहनों को निकलवाने के नाम पर रिश्वतखोरी का खेल आखिरकार लोकायुक्त के शिकंजे में आ गया। लोकायुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए आरटीओ की महिला आरक्षक और एक प्राइवेट कर्मचारी को रंगे हाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार किया, जिससे विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।रास्ता देने के बदले मांगे 4500 रुपये
जानकारी के अनुसार, वाहन मालिक प्रशांत दत्तात्रेय जाधव (नवी मुंबई) की गाड़ियां जबलपुर होते हुए उत्तरप्रदेश की ओर जाती हैं।
25 मार्च को एक वाहन (DD 01P09764) जैसे ही बरगी क्षेत्र से गुजर रहा था, तभी आरोपियों ने वाहन को आगे बढ़ाने के लिए ₹4500 की रिश्वत की मांग की।
लोकायुक्त की प्लानिंग, रंगे हाथों ट्रैप
शिकायत मिलने के बाद एसपी लोकायुक्त अंजू पटले के निर्देशन में पहले सत्यापन कराया गया और फिर ट्रैप टीम गठित की गई।
इसके बाद बरगी के पास नागपुर-जबलपुर हाईवे पर कार्रवाई करते हुए:
👉 आरक्षक श्वेता अहिरवार
👉 मोहित साहू (सहयोगी)
को वाहन चालक से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया।
भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज
दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की विभिन्न धाराओं—
धारा 7, 12, 13(1)(B), 13(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
टीम की अहम भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में लोकायुक्त टीम के
निरीक्षक राहुल गजभिए,शशि मर्सकोले,बृजमोहन सिंह नरवरिया,जीतेंद्र यादव सहित अन्य अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
बड़ा सवाल?
👉 क्या हाईवे पर चलने वाले वाहनों से इस तरह की वसूली एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा है?
👉 और क्या यह कार्रवाई ऐसे मामलों पर लगाम लगा पाएगी?

