MP TOP:'बिजली थाने’ का नया कॉन्सेप्ट:एमपी के छह बड़े शहरों में अब चोरी और बकाया वसूली पर होगी सीधी कार्रवाई...

‘बिजली थाने’ का नया कॉन्सेप्ट:एमपी के छह बड़े शहरों में अब चोरी और बकाया वसूली पर होगी सीधी कार्रवाई...

भोपाल।मध्यप्रदेश सरकार ने बिजली चोरी और बकाया बिल वसूली पर नकेल कसने के लिए एक अनोखा कदम उठाया है।प्रदेश में अब पारंपरिक पुलिस थानों की तर्ज पर ‘बिजली थाने’खोले जाएंगे। यहां सीधे बिजली चोरी,केबल चोरी और बकाया बिल न चुकाने पर एफआईआर दर्ज होगी और केस डायरी तैयार की जाएगी।

गुजरात से लिया गया आइडिया

बिजली थानों का मॉडल गुजरात से लिया गया है। हाल ही में प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और बिजली कंपनी के प्रतिनिधियों ने गुजरात का दौरा किया था। वहां इस व्यवस्था ने बिजली चोरी पर बड़ी रोक लगाई है और राजस्व वसूली भी बढ़ी है,अब एमपी में भी वही मॉडल लागू किया जा रहा है।

पहले चरण में कहाँ-कहाँ खुलेंगे थाने?

पहले चरण में 6 बड़े शहर चुने गए हैं–

1.इंदौर (पोलोग्राउंड मुख्यालय)

2.उज्जैन (ज्योति नगर मुख्यालय)

3.भोपाल

4.ग्वालियर

5.जबलपुर

6.रीवा

इन सभी जगहों पर जमीन और लोकेशन तय कर ली गई है।

थाने में कौन-कौन रहेगा?

हर बिजली थाने को बनाने में लगभग 25-30 लाख रुपए खर्च होंगे। एक थाने में कुल 10 सदस्यीय टीम होगी:

•1 थाना प्रभारी (टीआई)

•2 एएसआई

•1 सहायक उपनिरीक्षक

•5 पुलिसकर्मी

•1 कंप्यूटर ऑपरेटर

खास बात यह है कि स्टाफ में 50% महिलाएं और 50% पुरुष शामिल किए जाएंगे।

क्यों ज़रूरी हैं बिजली थाने?

•प्रदेश में बिजली चोरी से हर साल करोड़ों रुपए का नुकसान होता है।

•अब बिजली कंपनियों को स्थानीय पुलिस पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

•चोरी या बकाया बिल पर तुरंत एफआईआर दर्ज होगी।

•कर्मचारियों के साथ मारपीट और धमकी जैसी घटनाओं पर तुरंत कार्रवाई संभव होगी।

•बिल वसूली की प्रक्रिया तेज होगी और बिजली कंपनियों की आय में सुधार होगा।

पिछली बार क्यों अटक गया था प्रस्ताव?

साल 2021 में भी बिजली थाने का प्रस्ताव आया था,लेकिन तब इसे राजनीतिक कारणों से रोक दिया गया। मंत्रियों को डर था कि बिजली चोरी के केस दर्ज करने से वोट बैंक पर असर पड़ेगा।लेकिन मौजूदा मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने समीक्षा बैठक में इस पर हरी झंडी दे दी।

असर कितना बड़ा होगा?

विशेषज्ञों के अनुसार,अगर बिजली थाने सफल रहे तो अगले चरण में इन्हें पूरे प्रदेश में खोला जा सकता है। इससे न सिर्फ बिजली चोरी रुकेगी बल्कि आम उपभोक्ताओं को भी बेहतर और नियमित बिजली सप्लाई मिलेगी।

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