Jabalpur Top:जबलपुर में अब बिना हेलमेट के नहीं मिलेगा पेट्रोल: कलेक्टर का बड़ा आदेश,नियम तोड़ा तो होगी कड़ी कार्रवाई...

जबलपुर में अब बिना हेलमेट के नहीं मिलेगा पेट्रोल: कलेक्टर का बड़ा आदेश,नियम तोड़ा तो होगी कड़ी कार्रवाई...



जबलपुर|स्पेशल रिपोर्ट

05 अगस्त 2025

सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन का सख्त रुख जबलपुर में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी अब लोगों को भारी पड़ सकती है।जिले के कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट दीपक कुमार सक्सेना ने सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए"नो हेलमेट,नो पेट्रोल"नियम लागू कर दिया है।इसके तहत अब जिले के किसी भी पेट्रोल पंप पर बिना हेलमेट पहने दोपहिया वाहन चालक को पेट्रोल नहीं दिया जाएगा।

यह आदेश भारतीय नागरिक संहिता 2023 की धारा 163(1) के अंतर्गत जारी किया गया है और तत्काल प्रभाव से लागू माना जाएगा।

दुर्घटनाओं के आंकड़े बने आदेश की वजह

प्रशासन के मुताबिक,जिले में लगातार हो रही दोपहिया वाहन दुर्घटनाएं और हेलमेट न पहनने से होने वाली मौतों की बढ़ती संख्या इस सख्त फैसले की मुख्य वजह रही है।

“हर साल सैकड़ों जानें सिर्फ इसलिए चली जाती हैं क्योंकि लोग हेलमेट नहीं पहनते।अब यह लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”—दीपक सक्सेना,कलेक्टर जबलपुर

क्या कहता है कानून?

•मोटर यान अधिनियम 1988 की धारा 129 के अनुसार,दोपहिया वाहन चलाते समय चालक और पीछे बैठी सवारी के लिए ISI मार्क हेलमेट पहनना अनिवार्य है।

•बावजूद इसके बड़ी संख्या में लोग इस नियम का पालन नहीं कर रहे,जिससे न केवल उनका जीवन खतरे में पड़ता है,बल्कि सड़क पर अन्य लोगों की सुरक्षा भी प्रभावित होती है।

पेट्रोल पंप संचालकों पर भी जिम्मेदारी

नए आदेश के अनुसार:

•जिले के सभी पेट्रोल पंपों को निर्देशित किया गया है कि वे हेलमेट न पहनने वाले चालकों को पेट्रोल न दें।

•आदेश का उल्लंघन करने पर पेट्रोल पंप संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें लाइसेंस निलंबन तक की कार्यवाही संभव है।

एकपक्षीय आदेश,लेकिन आपत्ति की छूट

इस आदेश को जिला प्रशासन ने भारतीय नागरिक संहिता 2023 की धारा 163(2) के तहत एकपक्षीय रूप से जारी किया है।चूंकि हर नागरिक को व्यक्तिगत रूप से सूचना देना संभव नहीं था,यह आदेश सार्वजनिक माध्यमों से प्रसारित किया गया है।

हालांकि,किसी को यदि इस आदेश से आपत्ति हो, तो वह धारा 163(5) के अंतर्गत कलेक्टर कार्यालय में लिखित आपत्ति दर्ज कर सकता है।

लोगों की प्रतिक्रिया

यातायात विशेषज्ञ,सामाजिक संगठनों और स्कूल कॉलेजों के युवाओं ने प्रशासन के इस कदम की सराहना की है।वहीं सोशल मीडिया पर भी इस आदेश को लेकर #NoHelmetNoPetrol ट्रेंड कर रहा है।

निष्कर्ष:हेलमेट अब सिर्फ कानून नहीं,पेट्रोल की शर्त है

जबलपुर में यह फैसला सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में एक आक्रामक लेकिन आवश्यक पहल के रूप में देखा जा रहा है,यदि यह सफल होता है, तो यह नीति प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी रोल मॉडल बन सकती है।

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