पटवारी संघ की वर्षों से लंबित मांगों का निराकरण कर आदेश नहीं दिया गया क्या,जानने के लिये पढ़े पूरी खबर..... - eaglenews24x7

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पटवारी संघ की वर्षों से लंबित मांगों का निराकरण कर आदेश नहीं दिया गया क्या,जानने के लिये पढ़े पूरी खबर.....

पटवारी संघ की वर्षों से लंबित मांगों का निराकरण कर आदेश नहीं दिया गया....


ऐसी क्या वजह है की जिसके कारण इनको अपना बुरा कार्य छोड़ कर हड़ताल पर उतरना पड़ा....?


कब तक इनकी समस्या का निवारण होगा...?

जबलपुर।।मध्य प्रदेश के पटवारी संवर्ग निरंतर किसानों व शासन के मध्य कड़ी के रूप में कार्य कर शासन की अधिकांश योजनाओं का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन कर रहा हैं।अल्प संसाधनों के बावजूद मध्य प्रदेश का पटवारी शासन व किसान हित के प्रति दृढ़संकल्पित होकर विभिन्न प्रकार के तकनीकी सॉफ्टवेयर,मोबाइल ऐप,वेब पोर्टल,टीएसएम मशीन तकनीकी उपकरणों पर तकनीकी व विभागीय कार्यों का कुशल संपादन कर रहा है।जिससे कृषको में शासन की उज्जवल छवि निर्मित होकर उनका आर्थिक व सामाजिक सशक्तिकरण होने के साथ ही राजस्व विभाग शासन को भारत सरकार द्वारा निरंतर सम्मान प्राप्त कर रहा है इसके बावजूद भी 24 घंटे सात दिवस निरंतर कार्यों के संपादन करने के बाद भी वर्षों से पटवारी संघ की न्यायोचित  मांगों के संबंध में निरंतर ज्ञापन देने व अवगत कराने के उपरांत भी शासन द्वारा किसी प्रकार का निराकरण नहीं किया गया।शासन के द्वारा विगत कई वर्षों से केवल आश्वासन ही दिया जा रहा है किंतु पटवारी संघ की कोई भी मांग पूरी नहीं की गई है।जिससे समस्त प्रदेश के पटवारियों में निराशा का भाव होकर मनोबल प्रभावित हो रहा है जिसकी वजह से आए दिन  पटवारियों की मौतें भी हो रही है।


मध्य प्रदेश पटवारी संघ की प्रमुख तीन मांगे हैं :-

(1)ग्रेड पे 2800 करते हुए समयमान वेतनमान की विसंगतियों को दूर किया जावे...

(2)गृह जिले में पदस्थापना ...

(3)सबसे अहम नवीन पटवारियों की सीपीसीटी की अनिवार्यता संबंधित नियम समाप्त किया जाए।

आज तहसील कार्यालय में मुख्यमंत्री, राजस्व मंत्री,मुख्य सचिव,प्रमुख सचिव को कलेक्टर के माध्यम से अपनी आवाज पहुंचाई गई है ज्ञापन देकर की हमारी तो मांगों को शीघ्र ही पूरा किया जावे अन्यथा मध्य प्रदेश पटवारी संघ के द्वारा कहा गया अगले सात दिवस में पटवारियों की सभी मांगों के संबंध में कोई आदेश प्रसारित नहीं किया जाता है तो मध्य प्रदेश पटवारी संघ के द्वारा 10 अगस्त से कलम बाध्य तरीके से हड़ताल की जायेगी,इन सबका जवाबदार पूरा मध्यप्रदेश शासन होगा।