मानवता फिर हुई शर्मसार इलाज के अभाव में महिला ने तोड़ा दम,पढ़े पूरी खबर..... - eaglenews24x7

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मानवता फिर हुई शर्मसार इलाज के अभाव में महिला ने तोड़ा दम,पढ़े पूरी खबर.....

मानवता फिर हुई शर्मसार इलाज के अभाव में महिला ने तोड़ा दम.......

शव 2 किमी तक ले जाने का किराया एंबुलेंस संचालक ने मांगा 5000तो हाथ ठेले पर शव रखकर घर ले गये परिजन।
दमोह :-पाथरिया नगर में एक बार फिर मानवता शर्मसार हुई है।एक इस तरह की तस्वीर देखने मिली,जिसने दिल को झकझोर कर रख दिया।सरकारी सिस्टम में एक महिला को न तो उपचार मिला न ही मौत के बाद शव वाहन,जिससे महिला का हाथ ठेला में शव  रखकर ले जाना पड़ा। 


पथरिया नगर के वार्ड नम्बर 7 में बीमार होने के बाद महिला को उपचार नहीं मिला।घंटो तक महिला इंतजार करती रही,डॉक्टरों ने यह कहकर भगा दिया कि वह कोविड-19 केयर सेंटर में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।जिसके चलते वह मरीज का समुचित उपचार नहीं कर पाएंगे।  


महिला की 2 दिनों से तबीयत खराब चल रही थी,बावजूद इसके डॉक्टरों ने कोई पर्याप्त उपचार नहीं किया और यही कारण है उपचार के अभाव में महिला की दर्दनाक मौत हो गई।


परिजनों का आरोप है कि अगर समय पर उपचार मिल जाता तो उनके परिवार की एक महिला सदस्य का जीवन बच सकता था।लेकिन डॉक्टर कोविड-19 सेंटर में व्यस्त रहने के चलते, महिला ने दम तोड़ दिया।महिला की मौत अस्पताल में हो जाने के बाद उसे शव वाहन भी उपलब्ध नहीं कराया गया।मरीज के परिजन मरीज को दमोह ले जाना चाहते थे लेकिन निजी एंबुलेंस संचालक ने 5000 की मांग की।जिसकी पूर्ति कर पाना परिवार के बस की बात नहीं थी।परिजनों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है,जिसके चलते एंबुलेंस किराए पर नहीं कर पाए। 


रितिका उर्फ कलावती को शव वाहन भी नहीं मिल पाया,जिसके चलते मजबूरी बस हाथ ठेले पर रखकर शव को अपने घर तक ले गए।कोरोना काल में ऐसी तस्वीरें लोगों को झकझोर रही है।सरकार की उन व्यवस्थाओं की पोल खोल रही है जिसे प्रशासन सब ठीक है की बात कर रहा है जनता सिस्टम को फेल बता रही हैं। 


लोग असमय काल के गाल में समा रहे है।यह पूरा मामला पथरिया का है जहां पर पथरिया के वार्ड क्रमांक छःमें रहने वाली कलावती पति परसोत्तम विश्वकर्मा उम्र 45 वर्ष को शाम लगभग 5 और 6 बजे के बीच अस्पताल लाया गया था।जहां समय पर उपचार ना मिलने और महिला को रिफर ना किए जाने के चलते महिला की मौत हो गई।उसे अन्य जगह भी उपचार नहीं मिल पाया,यहां तक की मृतिका कलावती को मौत के बाद शव वाहन भी नसीब नहीं हुआ।  

परिजन हाथ ठेले पर रखकर शव घर ले गए,वहीं अधिकारियों से जब इस संबंध में जानकारी चाही गई तो अधिकारियों के मोबाइल आउट ऑफ नेटवर्क एरिया बता रहे हैं।