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वन विभाग की ग्रीन इण्डिया मिशन योजना से उपलब्ध हुआ वैकल्पिक रोजगार।जाने कैसे.......

20 हजार 192 हेक्टेयर वनों का हुआ उपचार।



वन विभाग की ग्रीन इण्डिया मिशन योजना से उपलब्ध हुआ वैकल्पिक रोजगार।

प्रदेश के 14 जिलों के 18 वन मण्डलों के 7 लाख 35 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में फैले ऐसे 722 माइक्रोवाटर शेड की पहचान कर ली गई हैं,जो जलवायु परिवर्तन के खतरों से घिरे हैं।राष्ट्रीय जल परिवर्तन कार्य-योजना के अंग के रूप में ग्रीन इण्डिया मिशन योजना में अभी तक प्रदेश के 20192 हेक्टेयर वनों का उपचार किया जा चुका है।इसके साथ ही इन वनों पर आश्रित स्थानीय समुदाय के सामाजिक,आर्थिक रूप से पिछड़े हितग्राहियों को चिन्हांकित कर उन्हें वैकल्पिक रोजगार के साधन उपलब्ध किए जा रहे हैं।



अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक लालसिंह रावत ने बताया कि ग्रीन इंडिया मिशन योजना में ऐसे क्षेत्रों का लैंडस्केप आधारित उपचार किया जा रहा है जिनसे जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग के प्रभावों से प्रतिकूल प्रभावित होना संभावित है, वहाँ ऐसे वन क्षेत्रों का ह्रास होने से इन वनों पर आश्रित स्थानीय समुदायों को भी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता है।रावत ने बताया कि वैज्ञानिकों द्वारा ऐसे क्षेत्रों में फैले माइक्रोवाटर शेड की पहचान कर ली गई है।



4 हजार से ज्यादा हितग्राहियों को विभिन्न विधाओं में किया गया प्रशिक्षित।



वन विभाग द्वारा ग्रीन इंडिया मिशन योजना में वैकल्पिक रोजगार के रूप में प्रदेश के 151 ग्राम के 4 हजार 22 हितग्राहियों को पहचान कर उनको आवश्यकता और उनकी अपेक्षा के मुताबिक सिलाई प्रशिक्षण,मधुमखी पालन,मुर्गी पालन,जेसीबी ऑपरेटर,मछली पालन,कांस हस्तशिल्प,और मास्क निर्माण आदि गतिविधियों में स्थानीय संयुक्त वन प्रबंधन समिति के माध्यम से प्रशिक्षित कराया जा चुका है।इससे अभी तक 3461हितग्राहियों को रोजगार भी मिल चुका है।


रावत ने बताया कि उत्तर बैतूल वन मण्डल के चापड़ा, पहावाड़ी, पावरझंडा,सेमलपुरा, हीरावाड़ी, जामनगरी, कोठा, मूढ़ा एवं दक्षिण सिवनी मण्डल के चिक्लिटोला रमली और पापरिया ग्राम की 225 महिलाओं को सिलाई प्रशिक्षण दिलाया गया।इस प्रशिक्षण के बाद बैंगलुरु स्थित शाही एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 18 महिलाओं का चयन भी कर लिया गया है।इन्हें 9 हजार रूपये प्रतिमाह प्रारंभिक वेतन भी मिलने लगा है।बेरोजगार युवाओं की क्षमता विकास विकसित कराने के लिये उत्तर बैतूल वन मंडल के शाहपुर और भोंरा क्षेत्र के 64 युवक और युवतियों को इलेक्ट्रीशियन एवं मोटर वाइंडिंग का प्रशिक्षण दिलाया गया हैं।


इसी तरह इलेक्ट्रीशियन मोटर बाइंडिंग में प्रशिक्षित युवाओं को प्रधान मंत्री आवास योजना में पंचायतों से बिजली फिटिंग का कार्य मिल गया है।इन्हीं में से प्रशिक्षित युवती रितिका खांडे को मास्टर ट्रेनर का रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है।



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