जबलपुर जिले में कोरोना संक्रमितों की रिकवरी रेट 89 प्रतिशत से अधिक मध्यप्रदेश की रिकवरी दर 84 फीसदी से कहीं ज्यादा है जबलपुर की रिकवरी दर - eagle news

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जबलपुर जिले में कोरोना संक्रमितों की रिकवरी रेट 89 प्रतिशत से अधिक मध्यप्रदेश की रिकवरी दर 84 फीसदी से कहीं ज्यादा है जबलपुर की रिकवरी दर


जबलपुर, कोरोना महामारी की जंग में जबलपुर जिले ने कामयाबी की मिसाल कायम की है। जिला प्रशासन की सतर्कता, नियमित मॉनीटरिंग और अस्पतालों में आई.सी.यू. एवं ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड की क्षमता में वृद्धि और चिकित्सकों द्वारा सर्वोत्तम इलाज सुनिश्चित करने की वजह से यहां हर दिन बड़ी संख्या में कोरोना मरीज स्वस्थ होकर घर जा रहे हैं। यही वजह है कि जबलपुर जिले में कोरोना संक्रमितों की रिकवरी रेट अब 89.02 प्रतिशत हो गई है। जो राज्य की कोरोना रिकवरी रेट करीब 84 प्रतिशत की तुलना में ज्यादा है। जबकि प्रदेश के महानगरों भोपाल, इंदौर और ग्वालियर की तुलना में जबलपुर जिले की रिकवरी रेट सबसे बेहतर है।

कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने बड़ी साफगोई से कहा कि राहत के इस संकेत को हम यह न माने कि कोरोना खत्म हो गया। हमें किसी भी तरह की ढ़िलाई और लापरवाही नहीं बरतनी है, बल्कि और सतर्क होने की जरूरत है। यही सर्तकता हमें कोरोना से बचायेगी।

जबलपुर में कोरोना के सफर में कई उतार-चढ़ाव आए। लेकिन जबलपुरवासियों की जीवटता और हौसलों से कोरोना हर दिन परास्त हुआ। आलम यह है कि पिछले दस दिनों से जहाँ रोज 200 से कम नये कोरोना मरीज सामने आये हैं, वहीं स्वस्थ होकर घर जाने वाले मरीजों की संख्या का औसत प्रतिदिन दो सौ के करीब है। जिले में अब तक कुल 10 हजार 743 व्यक्तियों को कोरोना संक्रमित पाये गये हैं, इनमें से 9 हजार 564 मरीज स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं।

कलेक्टर कर्मवीर शर्मा कहते हैं कि जिले में कोरोना की बेहतर रिकवरी रेट टीम वर्क का परिणाम है। कोरोना की स्थिति नियंत्रण में यहां के नागरिकों से मिले भरपूर सहयोग को कलेक्टर श्री शर्मा सर्वाधिक महत्वपूर्ण वजह मानते हैं। श्री शर्मा ने कहा कि प्रशासन की अपनी सीमा व दायरे के भीतर रहकर काम करने की बाध्यताएं और चुनौतियां होती हैं, लेकिन जनता से सहयोग और भागीदारी से तमाम तरह की बाधाएं दूर हो जाती हैं। कलेक्टर ने कहा कि कोरोना से लड़ाई में जबलपुरवासियों के जज्बे और जुनून की जितनी भी तारीफ की जाए कम है। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज सहित समूचा स्वास्थ्य स्टाफ, नगर निगम का अमला, रेडक्रॉस समिति, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने सराहनीय भागीदारी निभाई है।