CBI टीम पीड़िता के गांव रवाना, क्राइम सीन का करेगी मुआयना - eagle news

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CBI टीम पीड़िता के गांव रवाना, क्राइम सीन का करेगी मुआयना


हाथरस, हाथरस गैंगरेप कांड को लेकर अब एक्शन होना शुरू हो गया है. सोमवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने इस मामले को सुना, जिसमें पीड़ित परिवार ने अपना दर्द अदालत के सामने बयां किया. दूसरी ओर आज से हाथरस के उस गांव में सीबीआई की टीम का एक्शन शुरू हो जाएगा. सीबीआई की जांच टीम आज घटना स्थल का दौरा कर सकती है, जहां से सबूत इकट्ठा करने की कोशिश होगी.

सीबीआई की टीम कभी भी क्राइम सीन पर पहुंच सकती है. गांव में भारी सुरक्षा तैनात कर दी गई है. बीते दिन ही सीबीआई ने पूरा केस अपने हाथ में लिया है, जहां केस से जुड़े सभी कागजात और केस डायरी को खंगाला गया. हाथरस गैंगरेप कांड की जांच सीबीआई ने अपने हाथ में ले ली है. स्थानीय पुलिस स्टेशन से केस से जुड़े कागजात इकट्ठे किए जा चुके हैं, जबकि मंगलवार को सीबीआई की टीम क्राइम सीन का दौरा कर सकती है. बता दें कि अभी इस मामले में प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी की पूछताछ भी चल रही है, जिसे दस दिन का एक्सटेंशन मिला था. 

सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट की सख्ती
सोमवार को हाई कोर्ट में हाथरस कांड की सुनवाई हुई. इस दौरान पीड़ित परिवार ने अपना बयान अदालत के सामने दर्ज कराया, जिसमें आरोप लगाया कि स्थानीय प्रशासन ने बिना उनकी सहमति के जल्दबाजी में पीड़िता का अंतिम संस्कार कर दिया. पीड़िता के परिवार की वकील सीमा कुशवाहा के मुताबिक, अदालत ने इस दौरान सरकार के प्रतिनिधियों से सख्त सवाल पूछे जिनका उनके पास कोई जवाब नहीं था. हाई कोर्ट की ओर से जल्दबाजी में अंतिम संस्कार करने, अंतिम संस्कार करने के तरीके और परिवार से अनुमति ना लेने पर फटकार लगाई गई. परिवार की ओर से जो आरोप लगाए गए हैं, उनपर अब दो नवंबर से बहस शुरू होगी. दूसरी ओर 15 अक्टूबर को इस मसले पर सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई होनी है, जहां यूपी सरकार की ओर से परिवार की सुरक्षा के बारे में जानकारी दी जाएगी.


केस से जुड़ी हुई अहम बातें:
14 सितंबर को हाथरस के बूढ़ीगढ़ी गांव में 19 साल की दलित युवती का गैंगरेप हुआ.
अस्पताल में भर्ती होने के बाद पीड़िता ने आरोप लगाए, आरोपियों को गिरफ्तार किया गया.
29 सितंबर को दिल्ली के अस्पताल में इलाज के दौरान पीड़िता की मौत हो गई.
यूपी पुलिस और हाथरस प्रशासन ने उसी रात जल्दबाजी में पीड़िता का अंतिम संस्कार कर दिया. परिवार ने आरोप लगाया कि ये उनकी मर्जी के खिलाफ हुआ है. 
इस मामले पर राजनीतिक बवाल हुआ, राहुल-प्रियंका समेत विपक्ष के कई नेता परिवार से मिलने पहुंचे. 
यूपी सरकार ने एसआईटी का गठन किया, शुरुआती जांच में कुछ पुलिस अफसरों पर एक्शन हुआ. इसके बाद हाथरस कांड के बहाने दंगे की साजिश की बात सामने आई.
परिवार की सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है. इस बीच इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मामले का स्वत: संज्ञान लिया.