मेडिकल और विक्टोरिया में दोगुनी से ज्यादा बढ़ी ऑक्सीजन और आईसीयू बिस्तरों की संख्या - eagle news

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मेडिकल और विक्टोरिया में दोगुनी से ज्यादा बढ़ी ऑक्सीजन और आईसीयू बिस्तरों की संख्या



जबलपुर, कोरोना के मरीजों को उपचार की बेहतर सुविधायें उपलब्ध कराने के लिये कलेक्टर कर्मवीर शर्मा की अगुवाई में निरतंर किये जा रहे प्रयासों के फलस्वरूप मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में पिछले बीस दिनों के दौरान ऑक्सीजन बेड्स और आईसीयू बेड्स की संख्या में दोगुनी से अधिक की बढ़ोतरी हुई है।

कोरोना के इलाज के लिए सभी जरूरी इंतजामों के तमाम सभी पहलुओं की सतत समीक्षा के बाद कलेक्टर श्री शर्मा के द्वारा उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने की वजह से मात्र बीस दिनों की अल्प अवधि में मेडिकल कॉलेज में कोविड पेशेंट के लिये आईसीयू बेड की संख्या 64 से बढ़कर अब 124 हो गई है। वहीं ऑक्सीजन सपोर्टेड बिस्तरों की संख्या में 200 का ईजाफा हुआ है और अब मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन युक्त बेड की संख्या 150 से बढ़कर 350 हो गई है।

मेडिकल कॉलेज प्रबंधन और विक्टोरिया जिला अस्पताल के चिकित्सकों से निरंतर संवाद कर कलेक्टर श्री शर्मा द्वारा बिस्तरों की क्षमता बढ़ाने की मुहिम रंग लाई और आज यह क्षमता कमोवेश दोगुनी से भी ज्यादा हो गई है। इसके बाद भी कलेक्टर बिस्तरों की संख्या और अधिक बढ़ाने की दिशा में सतत प्रयासरत हैं।

कोरोना मरीजों के उपचार के लिये शासकीय अस्पतालों की क्षमता बढ़ाने के प्रयास सिर्फ मेडिकल कॉलेज तक ही सीमित नहीं रहे हैं । बल्कि जिला अस्पताल विक्टोरिया में ऑक्सीजन बेड की संख्या 30 से बढ़ाकर 65 कर दिया गया है । कोरोना मरीजों के उपचार के लिये रेलवे अस्पताल में भी पाँच आईसीसीयू बेड सहित 60 बिस्तर आरक्षित किये गये हैं। वहीं निजी अस्पतालों में भी कोरोना मरीजों के लिये बिस्तरों की संख्या बढ़कर अब करीब 350 हो गई है, इसमें 150 आईसीयू बेड शामिल हैं।

कलेक्टर कर्मवीर शर्मा के मुताबिक कोरोना मरीजों के उपचार के लिये शहर के शासकीय अस्पतालों में पर्याप्त संख्या में बिस्तर उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि अस्पतालों की बेड केपेसिटी बढ़ाने के प्रयास निरन्तर जारी हैं और आने वाले कुछ दिनों में मेडिकल कॉलेज में 70 बेड और बढ़ाये जा रहे हैं, वहीं विक्टोरिया अस्पताल में भी 15 बिस्तरों का आईसीयू वार्ड प्रारम्भ हो जायेगा । विक्टोरिया अस्पताल में आईसीयू वार्ड के शुरू होने पर यहाँ भी कोरोना के गम्भीर मरीजों को भर्ती कर बेहतर उपचार दिया जा सकेगा।