,Jabalpur Lokayukta|PHE Corruption
‘6% कमीशन’ का खेल बेनकाब:PHE विभाग में रिश्वतखोरी का जाल,लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई...
छिंदवाड़ा में PHE विभाग का भ्रष्टाचार उजागर,6% कमीशन मांगने वाले कर्मचारी को 14 हजार रिश्वत लेते लोकायुक्त ने रंगे हाथ पकड़ा।
काम के बदले ‘कट’ की मांग,सिस्टम में सेटिंग का आरोप
मामला तब सामने आया जब ठेकेदार सौरभ मिश्रा ने शिकायत दर्ज कराई।
👉30% काम पूरा होने पर उनके खाते में ₹4,11,665 आए
👉इसके बाद विभाग के कर्मचारी संदेश बाबू ने 6% कमीशन की मांग रख दी
👉यानी करीब ₹25,000 रिश्वत की डिमांड
यह कोई ‘इशारा’नहीं,बल्कि सीधे-सीधे सिस्टम में सेट घूसखोरी का मामला बताया जा रहा है।
लोकायुक्त का ट्रैप:14 हजार लेते ही धर दबोचा
शिकायत के बाद लोकायुक्त SP अंजू पटले के निर्देशन में जाल बिछाया गया।
👉बातचीत के बाद ₹14,000 में डील फाइनल हुई
👉आरोपी दर्पण मिश्रा(पंप अटेंडेंट) को
👉खजरी रोड स्थित चाय दुकान पर
👉रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया
इस कार्रवाई ने विभाग में हड़कंप मचा दिया।
कानूनी शिकंजा कसना शुरू
दोनों आरोपियों के खिलाफ
👉 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018)
👉 धारा 7,12,13(1)B,13(2)के तहत केस दर्ज कर लिया गया है।
ऑपरेशन में शामिल टीम
इस कार्रवाई में लोकायुक्त जबलपुर की टीम सक्रिय रही, जिसमें—
निरीक्षक शशिकला मस्कुले,निरीक्षक जितेंद्र यादव,उप निरीक्षक शिशिर पांडेय,शामिल रहे।
बड़ा सवाल:क्या अकेला कर्मचारी या पूरा नेटवर्क?
इस मामले ने एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—
👉क्या यह सिर्फ एक कर्मचारी का खेल है?
👉या फिर पूरे विभाग में‘कमीशन सिस्टम’जड़ें जमा चुका है?
छिंदवाड़ा का यह मामला साफ संकेत देता है कि
👉सरकारी काम बिना‘कट’ के आगे बढ़ाना अब भी चुनौती बना हुआ है
👉और लोकायुक्त की कार्रवाई ही ऐसे मामलों में असली डर पैदा कर रही है
क्या ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई से भ्रष्टाचार रुकेगा? अपनी राय जरूर दें।

