शव रखकर प्रदर्शन:जबलपुर में उग्र हुआ ग्रामीणों का गुस्सा,घंटों जाम रहा गौर-बरेला मार्ग...
युवक की मौत के बाद ग्रामीणों ने शव रखकर गौर-बरेला मार्ग जाम किया,10 लाख मुआवजे की मांग,प्रशासन ने जांच का आश्वासन दिया।
जबलपुर(मध्य प्रदेश)।जिले में एक युवक की संदिग्ध मौत के बाद हालात उस वक्त तनावपूर्ण हो गए, जब आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर गौर-बरेला मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन पूरी तरह ठप हो गया।10 लाख मुआवजे की मांग पर अड़े परिजन
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों और परिजनों ने
👉मृतक के परिवार को 10 लाख रुपए मुआवजा
👉और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई
की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। परिजन अपनी मांगों पर अड़े रहे, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण बन गई।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक—
सोमवार को माइनिंग और पुलिस की संयुक्त टीम अवैध उत्खनन के खिलाफ कार्रवाई करने जमतरा घाट (नर्मदा नदी) पहुंची थी।
👉छापेमारी के दौरान भगदड़ मच गई
👉इसी दौरान आकाश बर्मन नामक युवक नदी की ओर भागा
👉गहराई में जाने से वह बाहर नहीं निकल सका और डूबने से उसकी मौत हो गई
हालांकि,ग्रामीणों का आरोप है कि युवक की मौत सामान्य नहीं है,बल्कि प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान उसे नदी में गिराया गया।
प्रशासन मौके पर,समझाइश के बाद खुला जाम
स्थिति बिगड़ते देख मौके पर
👉एसडीएम रांझी मोनिका बाघमारे
👉पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी
तुरंत पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया।
तत्काल सहायता और आश्वासन
प्रशासन ने
👉मृतक परिवार को 1 लाख रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता दी
👉साथ ही अन्य शासकीय योजनाओं के तहत मदद का लिखित आश्वासन दिया
लंबी बातचीत और समझाइश के बाद आखिरकार जाम खुलवाया गया।
मामले की होगी जांच
एसडीएम मोनिका बाघमारे ने स्पष्ट किया कि—
👉युवक की मौत के कारणों की पूरी जांच कराई जाएगी
👉दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी
निष्कर्ष
यह घटना न सिर्फ अवैध खनन की हकीकत को उजागर करती है,बल्कि प्रशासनिक कार्रवाई के तरीकों पर भी सवाल खड़े करती है।

