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मप्र उपचुनाव: आखिरी चरण के प्रचार में नेताओं ने झोंकी ताकत


भोपाल। मप्र में 28 सीटों पर हो रहे उपचुनाव के आखिरी चरण के प्रचार में नेताओं ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इस दौरान नेताओं की बदजुबानी के कारण चुनावी माहौल गर्मा गया है। कांग्रेस के स्टार प्रचारक आचार्य प्रमोद कृष्णम ने चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया और प्रत्याशियों पर अपने भाषणों से जो वार किया था, आज भी चुनावी क्षेत्रों में उसकी चर्चा हो रही है। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने अपने मप्र दौरे पर कहा कि सिंधिया ने कांग्रेस की सरकार गिराने का जो पाप किया है, उसके कारण जनता भाजपा को साफ कर देगी। भाजपा छल, कपट, भय, लालच तथा तोडऩे की राजनीति करती आई है। कांग्रेस का इतिहास रहा है जनता के सामने जो वादे किए वह निभाए हैं। उन्होंने कहा कि संविधान की मूल भावना को जीवित रखने के लिए जाति, धर्म, क्षेत्रवाद आदि भूलकर कांग्रेस का समर्थन जरूरी है।
उन्होंने कहा चुनाव में बहुत नेता आएंगे जाएंगे, लेकिन मैं उस भूमि से आया हूं जहां भगवान कृष्ण ने अवतार लिया था। मूल्यों के हनन से उपजे दर्द को बयान करने आया हूं। मेरी आत्मा की आवाज यदि आपकी आत्मा को छू ले तो डंके की चोट पर पंजे पर वोट देना। उन्होंने अंत में कहा लोकतांत्रिक मर्यादा की रक्षा के लिए तथा अधर्म के नाश के लिए सत्य को जीत दिलाना है।
सिंधिया परिवार ने कुर्सी की लड़ाई नहीं लड़ी: सिंधिया
मंदसौर में सुवासरा विधानसभा सीट के लिए चंदवासा में गुरुवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने प्रचार किया। सिंधिया ने अपने संबोधन में कहा कि यह चुनाव उपचुनाव नहीं हैं, आपका और हमारा एक राजनीतिक संबंध नहीं। आपका और हमारा एक हृदय का संबंध है। सिंधिया परिवार ने जब भी लड़ाई लड़ी है तो सिंधिया परिवार ने कभी भी कुर्सी की लड़ाई नहीं लड़ी, कभी लाल बत्ती की लड़ाई नहीं लड़ी। जब भी लड़ाई लड़ी है मध्यप्रदेश की जनता की लड़ाई लड़ी है। प्रदेश में एक ऐसी सरकार है जो प्रदेश के विकास के लिए संकल्पित है। सिंधिया ने कहा कि 15 माह पहले मध्यप्रदेश में नया दूल्हा राजा आए थे, क्या एक बार भी दूल्हा राजा शामगढ़ या चंदवासा आए। मालूम हैं क्यों, क्योंकि 15 महिने वल्लभ भवन में बैठकर नोट इक_ा कर रहे थे। रेत खनन, शराब खनन के आधार पर। 15 माह में जब मैंने यह देखा, वादा खिलाफी देखी, तो इसी मंदसौर जिले में कहा था कि कांग्रेस का कहना साफ, हर किसान का दो लाख तक कर्जा माफ। पिपलिया मंडी की सभा में मुझसे भी कहलवाया था। मुझसे भी सर्टिफिकेट बनवा लिया और एक रुपया नहीं दिया खजाने से। जितना भी पैसा दिया वो शिवराज सिंहजी ने दिया।
सिंधिया ने चुटकी लेने के अंदाज में कहा कि मंच से 10 दिनों में किसानों का कर्ज माफ करने का वायदा किया था। मैंने इंतजार किया, लेकिन कमलनाथ और दिग्विजय सिंह ने किसानों के साथ वादा खिलाफी नहीं की है, उन्होंने किसानों के साथ गद्दारी की है। मुझसे कहा गया कि सड़क पर उतरों। सिंधिया परिवार को जब ललकारा जाता है तो मैं भी उतर गया सड़क पर।
कांग्रेस को वायदे याद नहीं रहते: शिवराज
चौहान ने कहा कि कांग्रेस को अपने वायदे ही याद नहीं है। वचन पत्र के वायदे पूरे नहीं किए। कर्ज माफी, बेरोजगारी भत्ता भूल गए। सारे वायदे वचन भूल गए, सिर्फ मुझे और सिंधियाजी को गालियां दे रहे हैं। चौहान ने कमलनाथ को उद्योगपति बताते हुए कहा कि मुझे नालायक कहते हैं, क्या यही कांग्रेस का मुद्दा है। वे कहते हैं कि मैं नारियल लेकर चलता हूं, तो विकास के कार्य करूंगा तो नारियल तो फोड़ूंगा ही।
भाजपा ने प्रजातंत्र व संविधान का खून किया: कमलनाथ
पूर्व सीएम और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ ने गुरुवार को सांची विधानसभा क्षेत्र के गैरतगंज कस्बा में सभा को संबोधित करते हुए प्रत्याशी के बिकाऊ व टिकाऊ का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पिछले विधानसभा चुनावों में प्रदेश की जनता ने कांग्रेस के पक्ष में जनाधार देकर हमारी सरकार बनवाई थी। हमने चुनाव में दिए वचन पत्र के आधार पर हर वर्ग का विकास भी सुनिश्चित किया। कांग्रेस की जनहितैषी कार्यशैली देखकर केंद्र व प्रदेश के भाजपा नेता घबरा गए और मतदाताओं के जनाधार का खून करके देश के प्रजातंत्र एवं संविधान पर कुठाराघात किया। कांग्रेस के कुछ गद्दारों ने भाजपा से सौदेबाजी कर लोगों के विश्वास के साथ खून किया है जिन्हें अब प्रदेश की जनता ही सबक सिखाएगी। कहा कि कांग्रेस के कुछ बिकाऊ नेताओं के साथ मिलकर भाजपा ने भारत के प्रजातंत्र एवं बाबा साहब आंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान का खून किया है। मतदाताओं के हर एक वोट का सौदा किया गया है। उन्होंने कहा कि आगामी उपचुनाव कांग्रेस, भाजपा या अन्य दल का नहीं है यह चुनाव भारत के संविधान को बचाने का महायज्ञ है। इसमें मतदाताओं को आगे आकर खासकर युवाओं को अपना भविष्य बचाने के लिए प्रजातंत्र, लोकतंत्र की रक्षा करने का दायित्व अपने कंधों पर लेना होगा। नाथ निर्धारित समय 11 बजे हेलीकॉप्?टरसे यहां आ गए थे। करीब डेढ़ घंटा तक वे सभा स्थल पर मौजूद रहे। पुत्र नकुलनाथ भी उनके साथ में आए थे। पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी, विदिशा विधायक शशांक भार्गव व उदयपुरा विधायक देवेंद्र पटेल ने भी सभा को संबोधित किया।