सीलिंग भूमि को लेकर बसपा का बड़ा आंदोलन,किसानों की जमीन वापस दिलाने की उठी मांग...
जबलपुर। किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की जबलपुर जिला इकाई ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर सरकार से महत्वपूर्ण मांग उठाई है। पार्टी का कहना है कि सीलिंग कानून की जटिलताओं के कारण हजारों किसान अपनी ही जमीन के अधिकार से वंचित हो गए हैं।ज्ञापन सौंपते हुए बसपा जिला प्रभारी राकेश चौधरी ने कहा कि जबलपुर समेत प्रदेश और देश के कई किसान अर्बन लैंड सीलिंग एक्ट से प्रभावित हैं। उनका आरोप है कि वर्ष 2003 में यह कानून समाप्त हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद वर्ष 2005 में कई कृषि भूमि को नगरीय क्षेत्र घोषित कर सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज कर लिया गया।
किसानों को नहीं मिल पा रहा लाभ
बसपा नेताओं के अनुसार इस स्थिति का सीधा असर किसानों पर पड़ रहा है।
कई किसानों को खाद मिलने में दिक्कत हो रही है।
किसान किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) और बैंक ऋण का लाभ नहीं ले पा रहे हैं।
जमीन के रिकॉर्ड में तकनीकी समस्या होने के कारण सरकारी योजनाओं का फायदा भी नहीं मिल रहा।
भू-माफिया पर भी लगाया आरोप
बसपा ने आरोप लगाया कि इस स्थिति का फायदा उठाकर कुछ भू-माफिया किसानों की जमीन को कम कीमत में खरीद रहे हैं और वहां अवैध कॉलोनियां विकसित की जा रही हैं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री से की बड़ी मांग
राकेश चौधरी ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री से अपील करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को कृषि कल्याण वर्ष के रूप में मनाने का संकल्प लिया है, इसलिए किसानों के हित में निर्णय लेते हुए सीलिंग की जमीनें वापस किसानों के नाम की जानी चाहिए।
बसपा नेताओं का कहना है कि यदि जल्द ही इस दिशा में कार्रवाई नहीं हुई, तो किसानों के समर्थन में बड़ा आंदोलन भी किया जा सकता है।

