कोरोना मरीजों के उपचार के लिए शासकीय अस्पतालों और कोविड केयर सेंटर की क्षमता बढ़ाने तेजी से प्रयास जारी - eagle news

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कोरोना मरीजों के उपचार के लिए शासकीय अस्पतालों और कोविड केयर सेंटर की क्षमता बढ़ाने तेजी से प्रयास जारी


मेडिकल कॉलेज में पंद्रह दिन में दोगुने से अधिक बढ़े आईसीयू बेड

जबलपुर,  कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुये जिला प्रशासन द्वारा शासकीय अस्पतालों की उपचार की क्षमता बढ़ाने की दिशा में पिछले पन्द्रह दिनों में तेजी से प्रयास हुये हैं। जहाँ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल सहित मेडीकल कॉलेज में कोरोना मरीजों के उपचार के लिये ऑक्सीजनयुक्त बिस्तरों की संख्या 200 से बढ़ाकर 250 कर दी है वहीं आईसीयू बेड की संख्या दोगुनी से अधिक बढ़कर 64 से अब 124 हो गई है। इस तरह मेडीकल कॉलेज में पिछले पंद्रह दिनों में 264 वेड से बढ़कर अब आक्सीजन सपोर्टेड और आईसीयू बेड की संख्या 374 हो गई है।

कोरोना मरीजों के उपचार के लिये मेडिकल कॉलेज के स्कूल ऑफ पल्मोनरी मेडिसिन भवन में 60 ऑक्सीजन युक्त बेड भी लगाये गये हैं । इसके अलावा मेडिकल कॉलेज परिसर स्थित राज्य कैंसर संस्थान के भवन में भी 100 ऑक्सीजन युक्त बिस्तर उपलब्ध कराये गये हैं । यहॉं भी कोरोना मरीजों को भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया गया है । राज्य कैंसर संस्थान में ऑक्सीजन युक्त बिस्तरों की संख्या जल्दी ही 200 हो जायेगी ।

कोरोना के गम्भीर मरीजों के उपचार के लिये शासकीय अस्पतालों की क्षमता बढ़ाने के इन्हीं प्रयासों के तहत जिला अस्पताल विक्टोरिया में भी अब ऑक्सीजनयुक्त बेड 30 से बढ़कर 62 हो गये हैं। यहां बिना लक्षणों वाले कोरोना मरीजों के लिए 30 बिस्तरों का कोविड केयर सेंटर भी बनाया जा रहा है। रेलवे और मिलेट्री हॉस्पिटल में भी 200 के करीब ऑक्सीजन युक्त बिस्तर कोरोना मरीजों के उपचार के लिये उपलब्ध हैं । मेडिकल कॉलेज की मुख्य बिल्डिंग में भी दो वार्डों को कोरोना मरीजों के उपचार के लिये तैयार किया जा रहा है।

कोरोना के गम्भीर मरीजों के अलावा बिना लक्षण या कोरोना के हल्के लक्षण वाले मरीजों के उपचार की क्षमता में भी पिछले पंद्रह दिनों में 200 बिस्तरों से अधिक की वृद्धि हुई है। अब सुखसागर मेडिकल कॉलेज राँझी स्थित ज्ञानोदय आवासीय विद्यालय और रामपुर स्थित बैगा छात्रावास में कोविड केयर सेंटर में बिना लक्षण या हल्के लक्षण वाले मरीजों को आइसोलेट करने के लिये 1200 बिस्तर उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त मंगेली स्थित श्रमोदय आवासीय विद्यालय, रामपुर स्थित बैगा छात्रावास तथा ग्राम बरबटी स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय भी बिना लक्षण या हल्के लक्षणों वाले कोरोना मरीजों के आइसोलेशन के लिये लगभग पूरी तरह तैयार हैं।

जिला प्रशासन के शासकीय कोविड अस्पताल और कोविड केयर सेंटर की क्षमता बढ़ाने के प्रयास निरन्तर जारी हैं । इसी के तहत अब जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिना लक्षण वाले मरीजों के उपचार के लिये स्थानीय स्तर पर कोविड केयर सेंटर बनाने के लिये कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने स्थान चिन्हित करने के निर्देश दिये हैं। जिला प्रशासन अस्पतालों की क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ बिना लक्षण वाले कोरोना मरीजों के होमआइसोलेशन को भी प्रोत्साहित करने की ओर कदम बढ़ा रहा है। होम आइसोलेशन में रहने की अनुमति उन्हीं कोरोना मरीजों को दी जायेगी जिनके घर इसकी सुविधा होगी और चिकित्सक इसकी अनुशंसा करेंगे। वर्तमान में अभी 628 कोरोना मरीज होम आइसोलेशन में हैं। कोरोना कंट्रोल के टेली मेडिकल सेंटर से चिकित्सकों द्वारा उनके स्वास्थ्य पर नियमित निगरानी रखी जा रही है।