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मध्य प्रदेश में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया बदली:अब TET मेरिट वालों को पहली प्राथमिकता...
सरकारी और निजी स्कूलों में नियुक्ति के नियमों में बड़ा बदलाव
भोपाल।मध्य प्रदेश सरकार ने स्कूल शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए सरकारी और निजी स्कूलों में शिक्षक भर्ती के नियमों को संशोधित कर दिया है।नए प्रावधानों के तहत अब केवल शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को ही शिक्षण कार्य के लिए योग्य माना जाएगा। साथ ही,TET में बेहतर मेरिट हासिल करने वाले उम्मीदवारों को भर्ती प्रक्रिया में प्राथमिकता दी जाएगी।सरकारी स्कूलों में नहीं होगी अलग चयन परीक्षा
नई व्यवस्था के अनुसार अब सरकारी स्कूलों में शिक्षक नियुक्ति के लिए पात्रता परीक्षा के बाद अलग से चयन परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी। यानी TET के प्रदर्शन और मेरिट के आधार पर ही अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा।इससे भर्ती प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने का दावा किया जा रहा है।
प्राइवेट स्कूलों पर भी लागू होंगे नए नियम
शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत निजी स्कूलों में भी अब केवल पात्रता परीक्षा पास उम्मीदवार ही शिक्षक नियुक्त किए जा सकेंगे।सरकार का मानना है कि इससे स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और योग्य शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित होगी।
मेरिट आधारित नियुक्ति से बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक नई नीति लागू होने के बाद अभ्यर्थियों के बीच प्रतिस्पर्धा और बढ़ेगी।केवल परीक्षा पास करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि बेहतर मेरिट हासिल करने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता मिलेगी।इससे पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार आने की उम्मीद जताई जा रही है।
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की तैयारी
सरकार का कहना है कि नए भर्ती नियमों का उद्देश्य चयन प्रक्रिया को विवादों और अनियमितताओं से दूर रखना है।मेरिट आधारित नियुक्ति से फर्जीवाड़े और पक्षपात की संभावना कम होगी, वहीं योग्य उम्मीदवारों को सीधा लाभ मिलेगा।
शिक्षा विभाग जल्द जारी करेगा विस्तृत गाइडलाइन
सूत्रों के अनुसार स्कूल शिक्षा विभाग जल्द ही भर्ती प्रक्रिया, मेरिट निर्धारण और दस्तावेज सत्यापन को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगा।इसके बाद नई भर्ती प्रणाली पूरे प्रदेश में लागू कर दी जाएगी।

